आर्ट ऑफ लिविंग से बदलती है मानसिक सोच - डी जी पी बेनीवाल

Mar 16, 2019 15:05 | Chandigarh
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मेरे सिपाहियों के नजरिया बदलने लगा है - आर्ट ऑफ लिविंग से 
क्या व क्यों के बजाय कैसे करें ये  बताते हैं श्री श्री - 
में चाहता हूँ कि मेरा हर सिपाही सारे नागरिकों की खुशी से सेवा करे - बेनीवाल
आज के युग में हम मुस्कुराना ही भूल गए हैं - 
अपनी ताकत बढ़ा कर ही तनाव से दूर हो सकते हैं 
समाज में तनाव के वजह से हम सब कुछ खो बैठते हैं , तनावमुक्त जीवन ही जीने की कला है 
गुस्सा आना स्वाभाविक है , गुस्से पे कैसे काबू पाना है , ये हमारे सांसो में ही छुपा है ,-श्री श्री रविशंकर
10 हजार लीटर हवा हम रोजाना सांसो के जरिये अपने फेफड़ों में भरते है और सांसो की क्रियाओं से ही तनावमुक्त हो सकते हैं - श्री श्री रविशंकर
सेक्टर-26 पुलिस लाइन में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रवि शंकर शुक्रवार शाम यूटी पुलिस को तनाव से मुक्ति का पाठ पढ़ाने पहुंचे। यह स्पेशल सेशन मल्टी हॉल में शाम पांच बजे से सात बजे तक चला । इसमें यूटी पुलिस के कर्मियों को वर्क प्रेशर कम करने के साथ-साथ लाइफ स्टाइल को बेहतर करने के बारे में सम्पूर्ण  जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान अपने कर्तव्यों को बेहतर तरीके से निभाने की प्रेरणा दी गई । सेशन में पुलिस विभाग के अधिकतर आला अधिकारियों सहित 1500 पुलिसकर्मी मौजूद रहे। गौरतलब है कि पुलिस कर्मियों पर भारी तनाव देखने को मिल रहा है  इस वजह से स्पेशल सेशन की काफी जरूरत लगातार ड्यूटी करने और सप्ताह में छुट्टी नही मिलने के कारण पुलिसकर्मियों का व्यवहार रूड होने लगा हैं। एक आरटीआइ के माध्यम से पता चला है कि पिछले तीन सालों में चंडीगढ़ पुलिस कर्मियों की सबसे अधिक दु‌र्व्यवहार और भ्रष्टाचार की शिकायतें आई हैं। विभाग के पास साल 2016 से साल 2018 तक कुल कुल दो हजार 400 से अधिक शिकायतें मिली हैं। वर्तमान में चंडीगढ़ पुलिस विभाग के 628 पुलिसकर्मी प्रति एक लाख व्यक्ति पर ड्यूटी कर रहे हैं। जबकि, एक रिसर्च में लिखा था कि एक लाख व्यक्ति पर 173 पुलिसकर्मी ड्यूटी कर रहे है तो आठ घंटे का शेड्यूल बनाया जा सकता है।
आज इस मौके पर चंडीगढ़ पुलिस के डी जी पी श्री बेनीवाल व श्री श्री रविशंकर ने मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर भी हस्ताक्षर किए जिसके तहत श्री श्री के शिक्षक चंडीगढ़ पुलिस कर्मियों को लगातार योग व मेडिटेशन कराएंगे ।
शायद भारत के इतिहास में ऐसा कोई पहला कदम है जहां पुलिस को पीपल फ़्रेंडली बनाने के लिए धर्मगुरु सामने आए हों और लगातार इस विषय पर काम हो रहा हो