सेब की फसल को बचाना व लाभकारी बनाना सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए

Jun 28, 2020 15:45 |

Rampur Bushahr Nishant 

सेब की फसल को बचाना व लाभकारी बनाना सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए- सेब अर्थव्यवस्था बचाने के लिये मजदूरों तथा कार्टन की अग्रिम व्यवस्था करे सरकार- डॉ तंवर
आज नारकंडा में हिमाचल किसान सभा की जिलाध्यक्ष सत्यवान पुण्डीर की अध्यक्षता में जिला कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक में किसान सभा के राज्याध्यक्ष एवं प्रभारी डॉ कुलदीप सिंह तंवर ने विशेष रूप से हिस्सा लिया।डॉ तंवर ने इस कोरोना महामारी के संकटकाल में पूरे देश व प्रदेश में किसानों पर पड़ रहे प्रभावों पर चर्चा करते हुए कहा कि किसान देश की रीढ़ की हड्डी है और इसकी रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। डॉ तंवर ने सेब व सब्जी को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य अंश बताते हुए सरकार से खासकर सेब की फसल तैयार होने से पहले ही जरूरी तैयारियां करने की अपील की। इसमें सबसे मुख्य है मजदूरों को लाने का प्रबंध, कार्टन की व्यवस्था, खरीददारों की नियमों के मुताबिक व्यवस्था करना आदि शामिल है। किसानों ने एतराज जताया कि पिछले वर्ष बागवानों को लूटने वाले आढ़तियों पर कार्यवाही करते हुए कुछ भुगतान किया गया लेकिन अभी भी काफी बागवानों का बकाया भुगतान बचा हुआ है, अतः सरकार व ए.पी.एम.सी. इसे सुनिश्चित करे। डॉ तंवर ने अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय खेत मज़दूर यूनियन, एवं सीटू के संयुक्त संघर्ष के आह्वान के तहत किसान मजदूर एकता के को कायम करते हुए आगामी 3 जुलाई और 9 अगस्त को पूरे देश मे प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की।जिलाध्यक्ष सत्यवान पुण्डीर ने कहा क्योंकि कोरोना महामारी का दौर अभी जारी रहेगा तो सरकार पंचायत स्तर पर मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करे जिसमें 205 रुपये मजदूरी, अपनी खेती के कार्य को भी शामिल करना, पर्याप्त रोजगार मुहैया करवाना, कार्य दिन बढ़ा कर 200 करना आदि शामिल है।सचिव देवक़ीनन्द ने कहा कि जिला में 31 जुलाई तक सदस्यता को पूरा किया जायेगा तथा आखिल भारतीय नारे "हर गांव में किसान सभा तथा किसान सभा में किसान" के तहत गांव व पंचायत स्तर पर किसान सभा की कमेटियों को गठित किया जाएगा। और साथ ही 20 जुलाई को स्थानीय मुद्दों पर खण्ड इकाई के स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे।किसान सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रो राजेन्द्र चौहान ने इस संकट के दौर में सरकार से किसानों बागवानों को राहत प्रदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब सरकार उद्योपतियों के कर्ज माफ कर सकती है तो क्यों किसान क्रेडिट कार्ड पर लिए कर्ज व ब्याज को माफ नहीं कर सकती? प्रो चौहान ने कहा कि सेब को मार्केट तक सुरक्षित पहुंचाने व अच्छे दाम दिलाने के लिए सरकार को जिम्मेदारी से कार्य करना चाहिए।बैठक में मुख्य रूप से सुखदेव चौहान, जयशिव ठाकुर, राकेश वर्मा, कृष्णा नन्द शर्मा, शिव सिंह चन्देल, जगदीश, प्रेम कायथ, दिनेश, काकू चौहान, सुरेश आदि सदस्यों ने हिस्सा लिया तथा कृषि व बागवानी को सफल बनाने तथा किसानों को किसान सभा मे जोड़ने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।