अब कोविड फ्रंट मोर्चे पर जूझ रहे डॉक्टरों का काटा वेतन : राणा

Jul 22, 2020 16:17 | Poltics


8 से 10 हजार रुपए महीने का लगेगा फटका
अपनी ही नोटिफिकेशन से मुकरी सरकार 
हमीरपुर 22 जुलाई
कोविड-19 की जंग में फ्रंट मोर्चे पर जूझ रहे डॉक्टरों को अब सरकार ने बड़ा झटका दिया है। प्रदेश भर में कॉन्ट्रेक्ट पर सर्विस दे रहे चिकित्सकों की ग्रेड पे में बढ़ोतरी वापिस लेने का फरमान जारी करते हुए सरकार ने डॉक्टरों के हक व सम्मान को चोट पहुंचाई है। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है। सरकार के इस तुगलकी फरमान से अब कॉन्ट्रेक्ट पर लगे हुए डॉक्टरों को 8 से 10 हजार रुपए प्रति महीना कम पगार मिलेगी। राणा ने कहा कि इतना ही नहीं जिन डॉक्टरों की नौकरी जनवरी 2020 में कॉन्ट्रेक्ट पर लगी है उनसे रिकवरी करने के फरमान भी जारी किए गए हैं। कॉन्ट्रेक्ट पर लगे डॉक्टरों को 26250-15600 रुपए बेसिक व 5400 ग्रेड पे व एनपीए आदि मिलाकर कुल 34000 रुपए मिलता है, जबकि स्पेशलाइजेशन किए हुए डॉक्टरों को 40 हजार रुपए तक की पगार मिलती है। 2020 में सरकार ने कॉन्ट्रेक्ट पर रखे गए डॉक्टरों को 150 फीसदी बढ़ी हुई ग्रेड पे जारी करने के फरमान दिए थे, लेकिन अब किसी पिछली नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए डॉक्टरों का भी निवाला छीनने का इंतजाम किया है। है। राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जो मर्जी दावें कर लें, लेकिन सरकार के विवेक पर निरंतर सवालिया निशान लग रहे है। सरकार सवेरे की नोटिफिकेशन में कुछ और कहती है और शाम की नोटिफिकेशन में कुछ और कहती है। आलम यह है कि सरकार अपने ही फैसलों को लेकर कंफ्यूज है। ऐसा लग रहा है कि सरकार पर कोई ऐसा तंत्र हावी-प्रभावी है जो सरकार से रोज कोई न कोई गलत फैसला करवा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसलों की जमीनी हकीकत यह है कि सरकार पर हावी-प्रभावी लालफीताशाही की मंडली सरकार की किसी भी गाईडलाइन को फॉलो नहीं कर रही है व मनमर्जी के फैसलों से प्रदेश की जनता को मनमर्जी के मुताबिक हांक रही है और उधर दूसरी ओर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कह रहे हैं कि उन्हें आवाम को परेशान करने वाले फैसले भारी मन से लेने पड़ रहे हैं, जो कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की लाचारी व बेबसी का सबूत है।