लगातार साढ़े 4 सालों तक हमीरपुर को नजर अंदाज करने के बाद अब हमीरपुर को बरगलाने व भरमाने में लगी है बीजेपी : राणा

हमीरपुर 8 जून
साढ़े 4 साल लगातार हमीरपुर को नजर अंदाज करने वाली बीजेपी को अब हमीरपुर का महत्व क्यों समझ आया है, इस सवाल का जवाब जनता ही नहीं हमीरपुर बीजेपी के कार्यकर्ता भी जानना चाह रहे हैं। यह बात प्रदेश कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है। राणा ने कहा कि अब महंगाई, बेरोजगारी व भ्रष्टाचार से सताई जनता के गुस्से को देखकर बीजेपी को अपनी पतली होती हालत का अंदाजा हो गया है। इसलिए अब बीजेपी फिर से जनता व अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को बरगलाने व भरमाने के लिए नए-नए प्रपंच रचने में लगी है। लेकिन प्रदेश की जनता अब बीजेपी को माफ करने के कतई मूड़ में नहीं है। राणा ने सवाल खड़ा किया है कि जनप्रतिनिधि लोकसभा में हों, विधानसभा में हों या फिर लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई पंचायती राज में हों, सबका महत्व बराबर रहता है। लेकिन अब जब चुनाव सिर पर आया है तो बीजेपी को प्रधान, उप-प्रधान व वार्ड पंचों की याद आई है। 4 साल तक उपेक्षित व प्रताडि़त रही लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई को अब बीजेपी ने पार्टी गतिविधियों में शामिल करने का ऐलान किया है। सवाल यह उठता है कि अब चुनाव के वक्त ही पंच, प्रधान गतिविधियों में क्यों शामिल किया जाए। साफ तौर पर जाहिर है कि बीजेपी का एकमात्र एजेंडा सत्ता हासिल करना है। सत्ता हासिल होने के बाद साढ़े 4 साल तक जनता व प्रतिनिधियों को हर स्तर पर नजर अंदाज करते हुए सत्ता सुख उठाना है। राणा ने कहा कि 32 लाख लाभार्थियों का आंकड़ा कागजी है। बीजेपी की तरफ से जारी किया गया यह आंकड़ा हकीकत में कहीं जमीन पर नहीं दिखता है। फिर भी अगर कुछ लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिला होगा तो बीजेपी ने यह कोई बड़ा एहसान का काम नहीं किया है। जनता का धन जनता की योजनाओं में व्यय होना हर सरकार का काम है और यह काम बीजेपी के बिना भी निरंतर चलता रहता है। राणा ने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में 10-10 क्षमतावान नेतृत्व करने वाले युवा हैं। अगर वह युवा नेता अपनी चाह रख रहे हैं और उनके साथ जन विश्वास जुड़ा है तो उनकी दावेदारी को गलत कैसे साबित किया जा सकता है। राणा ने कहा कि जहां तक बीजेपी कार्यसमीति बैठक में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप है तो यह आरोप नहीं हकीकत है। बीजेपी का यह आयोजन बेशक निजी होटल में हुआ है लेकिन इसके लिए पूरे सरकारी अमले को पसीने से तरबतर किया गया है। यहां तक कि किसी भी सरकारी रेस्ट हाउस, गेस्ट हाउस में बीजेपी के नेताओं का कब्जा तीन दिन तक लगातार रहा। जिसमें सरकारी संस्थानों को तक नहीं छोड़ा गया है। हमीरपुर के एक उच्च शिक्षण संस्थान के होस्टल तक बीजेपी के नेताओं को रहने के लिए खाली करवा लिए गए थे। ऐसे में यह सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग नहीं तो क्या है, लगे हाथों बीजेपी इसको भी स्पष्ट कर दे। राणा ने कहा कि इन सब हालातों को देखते व समझते हुए प्रदेश की जनता ही नहीं हमीरपुर का बच्चा-बच्चा बीजेपी को खदेडऩे के लिए कृत संकल्प हैं और मजे की बात यह है कि इस सब में बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता भी सहयोग करने लगे हैं।

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