हिमाचल में भारी बर्फ बारी और बारिश का कहर, 563 सड़कें बंद, करीब 4800 ट्रांसफॉर्मर ठप, जनजीवन अस्त-व्यस्त


हिमाचल प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते भारी बर्फबारी और बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) द्वारा 23 जनवरी 2026 को शाम 6 बजे जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में हालात दिनभर बिगड़ते चले गए। सुबह तक जहां 452 सड़कें बंद थीं, वहीं शाम होते-होते यह संख्या बढ़कर 563 तक पहुंच गई, जिनमें कई राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं।

बिजली व्यवस्था पर भी मौसम की मार साफ तौर पर देखने को मिली। सुबह प्रदेशभर में 4274 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप थे, जो शाम तक बढ़कर 4797 हो गए। इससे सैकड़ों गांवों और कस्बों में अंधेरा छा गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।

जिला-वार स्थिति पर नजर डालें तो हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं—

• चंबा जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां 105 सड़कें बंद हैं और 659 बिजली ट्रांसफॉर्मर काम नहीं कर रहे हैं।
• कुल्लू जिले में भारी बर्फबारी के कारण मुख्य एचटी लाइन में खराबी आई, जिससे 9 सड़कें बंद हो गईं और 682 ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए।
• लाहौल-स्पीति जिले में हालात सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। यहां 290 सड़कें बंद हैं। कोकसर–रोहतांग मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-03 और सुमदो–लोसर मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-505 को बर्फबारी के कारण यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। जिले में 53 ट्रांसफॉर्मर बाधित बताए गए हैं।
• मंडी जिले में 64 सड़कें बंद हैं और 901 ट्रांसफॉर्मर ठप हो चुके हैं।
• कांगड़ा जिले के तीन उपमंडलों में कुल चार सड़कें बंद हुई हैं, हालांकि बिजली आपूर्ति पर यहां बड़ा असर नहीं पड़ा है।
• सिरमौर जिले में 20 सड़कें बंद हैं और 624 ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं।
• सोलन जिले में केवल एक सड़क बंद है, लेकिन बिजली व्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित रही, जहां 1856 ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए।
• ऊना जिले में 70 सड़कें बंद हैं और दो ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं।

SEOC की रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर, हमीरपुर और किन्नौर जिलों से सड़क या बिजली व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा की सूचना नहीं मिली है। वहीं शिमला जिले से सड़कों को लेकर रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हो सकी है। बताया गया है कि शिमला में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण रिपोर्ट भेजने में दिक्कत आई, जबकि जनरेटर भी ईंधन की कमी के चलते चालू नहीं हो पाया।

स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है। बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने और बाधित बिजली आपूर्ति को जल्द बहाल करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम और बर्फबारी को ध्यान में रखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें। मौसम सामान्य होने तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।