अब अयोध्या में भी भीड़ से हादसा होने से टला, तैयारियां नाकाम,

अब अयोध्या में भी भीड़ से हादसा होने से टला, तैयारियां नाकाम,

नए साल में पूरे देश में श्रद्धालु मंदिरों में माथा टेकने जाते हैं पर जैसा आज का मंदिरों का हाल है और जिस तरह के हादसे मंदिरों में हो रहे हैं और प्रशासनिक बेचारी बनी हुई है, श्रद्धालु अब मंदिरों में जाने से पहले बार बार सोचेंगे. 

अयोध्या में भी साल के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मठ मंदिरों में पहुंचे हैं. एक साथ आई भारी भीड़ से व्यवस्थाएं तितर वितर हो गईं और एक बार फिर से बड़ा हादसा होने से बचा. अयोध्या में श्रद्धालू भारी भीड़ में घंटों फंसे रहे और प्रशासनिक अधिकारी इस पर अपना नियंत्रण नहीं रख सके. भीड़ की स्थिति इतनी ज्यादा थी कि कई श्रद्धालु इस कदर फंस गए थे उनकी जान पर बन आई थी. उन्हें खींचकर बाहर निकालना पड़ा. कई श्रद्धालु बिना दर्शन किए ही लौट आए. दूर प्रदेशों से दर्शन करने आए श्रद्धालु प्रशासनिक बदइंतजामी को कोस रहे थे .अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर में सुबह 4:00 बजे से ही लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े थे . सुरक्षा के नाम पर लगे सुरक्षाकर्मी केवल अपनी ड्यूटी का समय काटते नजर आ रहे थे , लिहाजा भीड़ में चाहे बच्चे हों बड़े हों, जवान हों या फिर बुजुर्ग सभी यहां अव्यवस्था का शिकार बनते दिखे. कई श्रद्धालु बुरी तरह घंटों फंसे रहे, कई बिना दर्शन किए ही बाहर निकल आए.लाखों की संख्या में श्रद्धालु हनुमानगढ़ी के दरवाजे पर पहुंचे थे , जहां पर बड़ी संख्या में भीड़ होने के कारण कई तो बिना दर्शन के ही बाहर आ गए और दूर से ही प्रणाम कर अपने घरों को चले गए. 

इन दिनों श्रद्धालू देश के शक्ति पीठों और आस्था की जगहों पर शीश निभाने जाते हैं. पर अब जैसे हालात हैं और प्रशासनिक अधिकारियों की हटधर्मिता देखने को मिल रही है, तो हमे अब यहां जाने से पहले उन जगहों के बारे में जानकारी लेना भी जरूरी हो गया है. 

हमे यह भी कोशिस करनी होगी कि हम अपना और अपनों का ख्याल खुद रखें और और कोशिस करें कि अगर कोई कठिनाई सामने आए तो समय से पहले हादसा होने से पहले उस जगह को छोड़ दें.