हाईकोर्ट को दी जानकारी: पंजाब में 163 व हरियाणा में 21 वर्तमान और पूर्व सांसद के खिलाफ मामले दर्ज

हाईकोर्ट को दी जानकारी: पंजाब में 163 व हरियाणा में 21 वर्तमान और पूर्व सांसद के खिलाफ मामले दर्ज

पंजाब और हरियाणा सरकार ने वर्तमान और पूर्वसांसद-विधायकों के खिलाफ दर्ज मामलों का ब्योरा हाईकोर्ट को सौंपा। अब अगली सुनवाई में सांसदों व विधायकों के खिलाफ सीबीआई और ईडी में दर्ज मामलों का ब्योरा केंद्र सरकार को सौंपना होगा।

मौजूदा व पूर्व सांसदों और विधायकों पर पूरे पंजाब में 163 मामले दर्ज हैं तो हरियाणा में इनकी संख्या 21 है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के नोटिस के जवाब में यह जानकारी हरियाणा और पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को दी। पंजाब सरकार ने बताया कि सूबे के 96 पूर्व व मौजूदा सांसदों और विधायकों के खिलाफ 163 मामले दर्ज हैं।

इन 96 में से 4 मौजूदा और 5 पूर्व सांसद हैं। इसके अतिरिक्त 35 मौजूदा और 52 पूर्व विधायकों पर भी एफआईआर दर्ज है। जिन चार मौजूदा सांसदों के खिलाफ केस हैं उनके नाम भगवंत मान, सुखबीर बादल, रवनीत सिंह बिट्टू और बलविंदर सिंह हैं। जिन पांच पूर्व सांसदों के खिलाफ मामला लंबित है उनके नाम सिमरनजीत सिंह मान, सुच्चा सिंह लंगाह, धर्मवीर गांधी, प्रेम सिंह चंदूमाजरा और ध्यान सिंह मंड हैं।

राज्य के 35 मौजूदा विधायकों सहित 52 पूर्व विधायकों के खिलाफ दर्ज मामलों की भी जानकारी दी गई। इस सूची में नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ 1988 में दर्ज मामले की भी जानकारी दी गई है। कोर्ट को बताया गया कि ट्रायल में वे बरी हो चुके हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट में अपील अभी लंबित है। हाईकोर्ट को बताया गया कि इन 163 मामलों में 114 मामलों की जांच अभी जारी है, 22 मामले अदालत में लंबित हैं तथा 7 मामलों में अनट्रेस रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है।

हरियाणा सरकार ने बताया है कि हरियाणा में 21 पूर्व और मौजूदा सांसदों और विधायकों के खिलाफ केस दर्ज हैं, जिनमें से 8 केस हरियाणा के पूर्व विधायकों और 2 केस हिमाचल प्रदेश के पूर्व विधायकों के खिलाफ दर्ज हैं। इनके अलावा 3 केस सीबीआई को सौंपे गए हैं। इन 21 में से 15 केस ट्रायल कोर्ट में लंबित हैं और 6 केस अपील और रिवीजन में हैं।

इसके साथ ही चंडीगढ़ ने हाईकोर्ट को बताया है कि चंडीगढ़ में ऐसे 7 केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें सभी पंजाब के पूर्व और मौजूदा सांसद और विधायक हैं। इन सभी केसों में जांच जारी है। जस्टिस राजन गुप्ता एवं जस्टिस करमजीत सिंह की खंडपीठ ने इस जानकारी को रिकॉर्ड में लते हुए अब केंद्र सरकार को सांसदों और विधायकों के खिलाफ सीबीआई और ईडी द्वारा चलाए जा रहे केसों का भी ब्योरा अगली सुनवाई पर देने का आदेश दिया है।

 

यह था मामला


अश्वनी उपाध्याय बनाम केंद्र सरकार के केस में सुप्रीम कोर्ट ने ही सभी राज्यों के हाईकोर्ट को अपने राज्यों के सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक लंबित मामलों की जानकारी मांगी थी। सभी राज्यों की हाईकोर्ट ने अपने-अपने क्षेत्राधिकार के राज्यों से यह जानकारी मांगी थी। जो जानकारी सभी राज्यों की ओर से सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई थी। जानकारी के अनुसार देशभर के 1765 सांसदों और विधायकों के खिलाफ 3045 आपराधिक मामले लंबित हैं।