राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व   प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर कांग्रेस भवन में श्रदाँजलि समारोह 

अमृतसर, (राहुल सोनी )  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व   प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर कांग्रेस भवन में श्रदाँजलि समारोह  आयोजित किया गया । समारोह की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा श्रीमती जतिंदर सोनिया ने की । श्रीमती सोनिया ने बापू गांधी व स्वर्गीय शास्त्री जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख नेता के रूप में जाने जाते थे।  गुजरात में एक हिंदू व्यवसायी परिवार में जन्मे गांधी ने लंदन में कानून की पढ़ाई की और भारतीय लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष शुरू किया।
 
1921 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने पूरे देश में गरीबी के खिलाफ, महिलाओं के अधिकारों के लिए व देश में जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए आंदोलन चलाया।  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी दुनिया के उन कुछ महान लोगों में से एक थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, दलितों और गरीबों के उत्थान व उनके कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। सत्य और अहिंसा उनकी सबसे बड़ी ताकत थी, यही वजह है कि वे महान कार्य करने में सक्षम थे।
 
 'जय जवान जय किसान' का नारा लगाने वाले देश के दूसरे प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री सादगी और महानता के प्रतिमूर्ति थे जिन्होंने बिना किसी लालच के देश की सेवा में अपना योगदान दिया।
 
 इस अवसर पर रविशंकर, नरेश भाटिया, सुभाष पठान, दीपक शर्मा, बलबीर सिंह, राजा गुलाब सिंह, तरवेज गिल, राजेश शर्मा, सनी कुमार, लखविंदर सिंह लाखा, तृप्ता रानी, ​​पिंकी देवी, बलबीर कौर, अमरजीत कौर, नीलम रानी, सत्या देवी, इत्यादि उपस्थित थे