प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं हाल-बेहाल ,मेडिकल कॉलेज बने रैफरल अस्पताल : राजेंद्र राणा

प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं हाल-बेहाल ,मेडिकल कॉलेज बने रैफरल अस्पताल : राजेंद्र राणा

हमीरपुर 4 जनवरी

हिमाचल में चल रही लचर हेल्थ सर्विसेज के कारण मरीज व तीमारदार हाल-बेहाल हैं। जबकि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर आए दिन नगाड़े पीट रही है। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है। राणा ने कहा कि हिमाचल की हाल-बेहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर नजर डालें तो मौजूदा दौर में मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद खराब हैं। आलम यह है कि मेडिकल कॉलेजों में उमड़ती मरीजों की भीड़ महंगे दामों पर मेडिकल कॉलेजों के बाहर चल रही टेस्ट लैबों में महंगे दामों पर टेस्ट करवाने को लाचार हैं। मेडिकल कॉलेजों में सीटी-स्कैन मशीनों से लेकर एमआरआई मशीनों पर करोड़ों रुपया खर्चा गया है लेकिन यह मशीनें मरीजों को कोई लाभ नहीं दे पा रही हैं। जबकि मेडिकल कॉलेजों के ठीक सामने अड्डा जमाए निजी क्लीनकों व टेस्ट लैबों में टेस्टों के नाम पर करोड़ों का धंधा चल रहा है। मरीज मजबूर हैं। क्योंकि डॉक्टर जब उन्हें टेस्टों की लिस्ट थमाता है तो मेडिकल कॉलेज में मशीनों की खराबी का हवाला देकर मरीजों को बाहर से महंगे टेस्ट करवाने पर सुनियोजित षड्यंत्र के तहत मजबूर किया जाता है। राणा ने कहा कि इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाले पीएचसी व अन्य अस्पतालों में स्टाफ का भारी टोटा है लेकिन सरकार झूठी बेहतर सुविधाओं के नाम पर बयानबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि मूलभूत अधिकारों में शुमार यह मामला उन्होंने तपोवन विधानसभा में भी उठाया था। लेकिन सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रही है। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज, नाहन मेडिकल कॉलेज, चंबा मेडिकल कॉलेज के साथ अनेक मेडिकल कॉलेज सिर्फ रैफरल मेडिकल कॉलेज बन कर रह गए हैं। जहां मरीजों को पहुंचते ही रैफर करने की कागजी कार्रवाई पूरी हो रही है। राणा ने कहा कि जनता जानना चाहती है कि करोड़ों के बजट के बावजूद अगर मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया नहीं करवा पा रहे हैं तो फिर टैक्सपेयर के करोड़ों के बजट को स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर क्यों फूंका जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक करीब 50 फीसदी से ज्यादा मरीज रैफर किए जा रहे हैं। लेकिन सरकार कह रही है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर चल रही हैं।