डंडा राज की बजाय लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करो: मुख्यमंत्री पंजाब

लखीमपुर खीरी हादसे के पीडि़त परिवारों के साथ एकजुटता प्रकट करने के लिए गांधी स्मारक पर शांतमयी प्रदर्शन

 

चंडीगढ़, 5 अक्टूबर: 

 

उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी की दुखदायक घटना की सख़्त निंदा करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आज भारतीय जनता पार्टी को चुनौती देते हुए कहा कि लोगों की आवाज़ दबाने के लिए डंडा राज लागू करने की बजाय लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान किया जाए।

 

यहाँ गाँधी स्मारक भवन में राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने मुख्यमंत्री ने अपने कैबिनेट साथियों, विधायकों और पार्टी वर्करों के साथ शांतमयी प्रदर्शन करते हुए संकल्प लिया कि वह भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य सरकारों की ज्य़ादतियों के आगे झुकने वाले नहीं, क्योंकि भाजपा दहशत का राज कायम करके लोगों को डराना चाहती है।

 

लखीमपुर खीरी की निर्दयी घटनाओं की तुलना जलियांवाला बाग़ हत्याकांड के साथ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में घटी यह घटना पहले बनाई गई थी और जानबूझकर भोले-भाले किसानों को कुचल दिया गया, जो कृषि कानूनों के खि़लाफ़ शांतमयी रोष प्रकट कर रहे थे। स. चन्नी ने कहा ऐसी कार्यवाहियों से किसानों के मनोबल को गिराने के लिए भाजपा के नापाक इरादे सफल नहीं होंगे, जो किसानों को संघर्ष के शांतमयी रास्ते से भटकाना चाहती है।

 

इसके बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कांग्रेस की राष्ट्रीय नेता प्रियंका गांधी को गिरफ़्तार कर लेने की आलोचना की, जो दुख की इस घड़ी में लखीमपुर खीरी के पीडि़त परिवारों को एकजुटता प्रकट करने के लिए उनको मिलने के लिए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसी ज्य़ादतियों से कांग्रेस पार्टी और मज़बूत होकर उभरेगी, जिससे आखिर केंद्र में ही नहीं बल्कि बाकी राज्यों में भी भाजपा के शासन का अंत होगा।

 

मुख्यमंत्री ने केंद्र को सचेत करते हुए कहा कि लखीमपुर खीरी जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के संदर्भ में हमारे नौजवानों को क्रांतिकारी रास्ता अपनाने के लिए मजबूर ना किया जाए, जो इन्साफ लेने के लिए आखिर हमारे महान शहीद भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव और उधम सिंह से प्रेरणा लेंगे। स. चन्नी ने केंद्र से अपील की कि इन कृषि कानूनों को तुरंत रद्द किया जाए, जिससे शांतमयी माहौल खऱाब ना हो और अमन-शान्ति, सद्भावना और भाईचारक सांझ को हर हाल में कायम रखना हम सभी की मुख्य जि़म्मेदारी बनती है।

 

इससे पहले मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन भेंट किए और लोकतांत्रिक हकों की रक्षा के लिए राष्ट्रपिता से प्रेरणा लेने के लिए दृढ़ संकल्प लिया।

 

इस मौके पर मुख्यमंत्री चण्डीगढ़ के यूथ कांग्रेस वर्करों के धरने में भी शामिल हुए और ‘भारत माता की जय’ और ‘वन्दे मातरम’ के नारे लगाए।

 

इस प्रदर्शन में कैबिनेट मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा, राणा गुरजीत सिंह, परगट सिंह, संगत सिंह गिलजिय़ां, गुरकीरत सिंह कोटली के अलावा कई विधायकों और पार्टी नेताओं एवं वर्करों ने भी शिरकत की।