श्रावण शनिवार और व्रत करने से फल लाभ

श्रावण शनिवार और व्रत करने से फल लाभ

श्रावण शनिवार

 
भगवान शिव की भक्ति का महीना श्रावण (सावन) (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) से शुरू हो चुका है।
 
(गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार अषाढ़ मास चल रहा है वहां 09 अगस्त, सोमवार से श्रावण (सावन) मास आरंभ होगा)
 
 
स्कन्दपुराण के अनुसार
 
"श्रावणे मासि देवानां त्रयानां पूजनं शनौ। नृसिंहस्य शनैश्चव्य अञ्जनीनन्दनस्य च।।"
 
श्रावण मास में शनिवार के दिन नृसिंह, शनि तथा अंजनीपुत्र हनुमान इन तीनों देवताओं का पूजन करना चाहिए।
 
 
 

शिवपुराण के अनुसार

 
 
अपमृत्युहरे मंदे रुद्राद्रींश्च यजेद्बुधः  ॥
तिलहोमेन दानेन तिलान्नेन च भोजयेत् ॥ (शिवपुराण, विध्येश्वर संहिता)
 
शनैश्चर अल्पमृत्यु का निवारण करने वाला है, उस दिन बुद्धिमान पुरुष रुद्र आदि की पूजा करे। तिल के होम के , दान से देवताओं को संतुष्ट करके ब्राह्मणों को तिलमिश्रित अन्न भोजन कराएंकराएं.
 
 
ऊपर यह लिखा गया लेख केवल हिन्दू धर्म से संबंधित है, और जानकारी के लिए है.