गृह मंत्री अनिल विज ने डयूटी में कौताही बरतने पर चार पुलिस कर्मियों को निलंबित करने के आदेश मौके पर ही दिए

गृह मंत्री अनिल विज ने पंचकूला के सैक्टर-5 पुलिस थाने का किया औचक निरीक्षण
 
विज ने एक अन्य शिकायतकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के भी दिए आदेश
 
हैरानी की बात है कि सैक्टर-5 के पुलिस थाना में कोई संतरी तक नहीं- अनिल विज
 
एक महीने की एफआईआर की एक्शन-टेकन रिपोर्ट तलब-गृह मंत्री
 
जहर खाने वाले होमगार्ड के जवान की अर्जी पर तुरंत कार्यवाही करने के दिए आदेश-  अनिल विज
 
चण्डीगढ़, 6 जुलाई- हरियाणा के गृह मंत्री श्री अनिल विज ने आज पंचकूला के सैक्टर-5 पुलिस थाने का औचक निरीक्षण किया और डयूटी में कौताही बरतने पर चार पुलिस कर्मियों को निलंबित करने के आदेश मौके पर ही दे दिए। जिन चार पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है उनमें पुलिस थाना प्रभारी (एसएचओ) ललित कुमार, मुंशी डिम्पल, नाईट मुंशी अजय और पुलिस इंस्पैक्टर मंदीप शामिल है। इसके अलावा, श्री विज ने एक अन्य शिकायतकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश भी दिए। 
औचक निरीक्षण के उपरांत श्री विज ने मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि इस पुलिस थाना में कोई भी कार्य कानून से नहीं चल रहा है। उन्होंने कहा कि ‘‘मेरा मन तो यह कर रहा था कि सारे थाने को निलंबित कर दूं। लेकिन बहुत सारे दस्तावेज मेरे सामने आए ही नहीं है’’। 
गृह मंत्री ने बताया कि इस पुलिस थाना में जो मुंशी तैनात है उसके पास से बहुत सारी दर्खास्तें मिली है, जिनको पंजीकृत नहीं किया गया। इसके अलावा, जो नाइट मंुशी है उसके पास से भी दर्खास्तें मिली है और यह नाइट मुंशी बिना वर्दी के थाना में घुम रहा था, जिन्हें निलंबित किया गया है। 
उन्होंने बताया कि इस थाना से जाली करंसी भी मिली है, जो बैंक ने थाना में जमा कराई है और बहुत दिनों से इस मामले को दर्ज नहीं किया गया और कार्यवाही भी नहीं की गई क्योंकि यह जाली करंसी कौन बांट रहा था, कहां से आ रही है, इसका पता लगना चाहिए था और यह देश का इससे बड़ा अपराध नहीं हो सकता। इसके अलावा, पुलिस थाना के प्रभारी (एसएचओ) के कार्यालय से बहुत से आवेदन मिले हैं जिनके पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है, जबकि इन आवेदनों के ऊपर कार्यवाही की जानी चाहिए और इन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की, इसलिए थाना प्रभारी (एसएचओ), मुंशी ओर नाइट मंुशी को उन्होंने निलंबित कर दिया है। 
श्री विज ने बताया कि इस पुलिस थाना में किसी भी कर्मचारी की कोई रवानगी नहीं दिखाई जाती और यहां कौन आता है और कौन चला जाता है, कुछ पता नहीं लगता। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह भी है कि इस पुलिस थाना में कोई संतरी तक नहीं है और इंस्पैक्टर द्वारा लिखित-पड़त तक भी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि ‘‘मैं समझता हूं कि यह पहला थाना है जिसमें कोई संतरी नहीं हैं, कोई भी आए, लूट लें और चला जाए’’। 
गृह मंत्री ने कहा कि ‘‘मैंने एक महीने की एफआईआर की एक्शन-टेकन रिपोर्ट मांगी है और एक महीने में जो एफआईआर हुई है उसकी एक्शन-टेकन रिपोर्ट बताई जाए’’। श्री विज नेे बताया कि इसके अलावा, ‘‘मैंने और सीपी, पंचकूला ने 143 एफआईआर के बारे में, जिनका अनुंसधान या कार्यवाही नहीं हुई है, उसकी भी जानकारी मांगी है, तो मौखिक तौर पर बताया गया है कि तलाशी की कर दी गई है, लेकिन बकाया एफआईआर की क्या कार्यवाही की, कितने लोग पकड़े। जिनमें जघन्य अपराध, उत्पीड़न, धमकाना व धमकी इत्यादि इस प्रकार के अपराध शामिल है, जो महीने से लंबित है और जिन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है’’। 
श्री विज ने बताया कि ‘‘मैंने एक शिकायतकर्ता के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं, उसने कहा है कि ‘आई वास किडनैंप्ड एंड ऑलमास्ट मर्डरर्ड- मेरे साथ फ्रॉड हुआ है चिटिंग हुई’। परंतु बाद में इस शिकायकर्ता ने समझौता पत्र लगा दिया। इसका मतलब ये व्यक्ति इतने गंभीर आरोप लगाकर पुलिस का नाजायज फायदा उठा रहा है’’। उन्होंने कहा कि ‘‘मैंने डीसीपी को कहा है कि इसका पर्चा दर्ज करो’’।  उन्होंने बताया कि यह शिकायतकर्ता किसी सिंगापुर कंपनी का कर्मचारी है। उन्होंने बताया कि ऐसे कई मामलों के बारे में पुलिस आयुक्त और डीसीपी को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 
हरियाणा के होमगार्ड के जवान द्वारा जहर खाने के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि होमगार्ड के जवान ने जो एफआईआर दर्ज करवाई थी, उसके ऊपर तुरंत कार्यवाही करने के आदेश उन्होंने दिए हैं। उन्होंने कहा कि होमगार्ड की दर्खास्त पर एफआईआर दर्ज की है, लेकिन उस पर कार्यवाही नहीं हुई है और तुरंत कार्यवाही करने के लिए उन्होंने आदेश दे दिए हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पूरे पुलिस थाने में जाकर पुलिस कर्मियों की हाजिरी व रवानगी रजिस्टर इत्यादि को चैक किया।