पंजाब के साईकिल उद्योग के शिष्टमंडल ने केन्द्रीय मंत्री पियूष गोयल से मुलाकात की

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पंजाब के साईकिल उद्योग के शिष्टमंडल ने केन्द्रीय मंत्री पियूष गोयल से मुलाकात की

कुमार सोनी 

अमृतसर, भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश महासचिव जीवन गुप्ता के नेतृत्व में युनाईटिड साईकल एवं पार्ट्स मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन के शिष्टमंडल ने साईकिल इंडस्ट्री को दरपेश आ रही समस्याओं को लेकर केन्द्रीय मंत्री पियूष गोयल से मुलाकात की और उन्हें अपनी समस्याओ से अवगत करवाकर उन्हें अपना माँग-पत्र सौंपा। शिष्टमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.एस. चावला, हीरो साईकिल लिमिटड के सीईओ रोहित गोठी, चैम्बर ऑफ़ इंडस्ट्रियल एवं कॉमर्शियल अंडरटेकिंग्स के अध्यक्ष उपकार सिंह व लक्की एक्सपोर्ट्स के हरसिमरजीत सिंह शामिल थे। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री सोम प्रकाश विशेष रूप से उपस्थित थे। उनके साथ प्रदेश भाजपा कोषाध्यक्ष गुरदेव शर्मा देबी व लुधियाना जिलाध्यक्ष पुष्पेंदर सिंगल भी उपस्थित थे।

          जीवन गुप्ता ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री पियूष गोयल ने उनकी समस्याएं सुन कर फ़ौरन इस पर कारवाई करते हुए संबंधित उच्चाधिकारीयों से फोन पर बात कर जानकारी ली और संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि इस वक्त विश्व के साईकिल उद्योग की आपूर्ति में चीन पहले स्थान पर है भारत दूसरे स्थान पर है। प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी द्वारा भारत को विश्व गुरु तथा विश्व शक्ति बनाने के सपने को साकार करने के लिए आज हर भारतवासी उनका साथ देने के लिए उनके साथ कंधे से कन्धा मिलकर चल रहा है। मोदी के स्वदेशी स्वालंबन के नारे के तहत भारत का साईकिल उद्योग चीन के साईकिल उद्योग को टक्कर देने के लिए तैयार है। भारत का साईकिल उद्योग विश्व के बाज़ार में सस्ते दामों पर बढ़िया क्वालिटी के साईकिल आपूर्ति के लिए भी तैयार है। लेकिन पिछले कुछ समय में वैश्विक मंच पर ईंधन के दाम बढ़ने से स्टील के दामों में भारी बढ़ौतरी हुई है, जिससे साईकिल उद्योग वैश्विक आपूर्ति बाज़ार की माँग पूरी करने में असमर्थ हो गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री पियूष गोयल ने उद्योग जगत से जुड़ी सभी समस्याओं को पहल के आधार पर हल करने का आश्वासन दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.एस, चावला ने बताया कि साईकिल बनाने के लिए अलग-अलग उद्योग छोटे-छोटे पार्ट्स बनाने का कार्य करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी का नारा स्वदेशी बनाओ व स्वदेशी अपनाओ के तहत भारत का साईकिल उद्योग खुद को चाईना के मुकाबले के लिए तैयार कर रहा है। हमें सब से बड़ी समस्या लोहे की कीमतों में अत्यधिक उछाल आने के कारण आ रही है। जिससे साईकिल उद्योग की लागत बहुत बढ़ गई है, जिससे मार्किट में साईकिल के दाम बढ़ गए हैं। हम विदेशी बाज़ार को भी वाजिब दामों पर पूरा करने में असमर्थ हैं। पहले नेशनल स्टील रेगुलेटरी कमेटी हुआ करती थी, जिसमें उद्योग जगत के लोग, स्टील बनाने वाले तथा सरकार के मंत्री पद के लोग शामिल होते थे। शिष्टमंडल ने वह कमेटी दोबारा गठित करने की माँग की है, ताकि स्टील के दामों की बढ़ौतरी को कंट्रोल किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोहे, एलुमिनियम, कार्बन-फाईबर, टाइटेनियम आदि को लेकर चीन भारत से कहीं आगे है। उन्होंने कहाकि भारत की साईकिल इंडस्ट्री को चीन के साथ मुकाबला करने के लिए कच्चे माल के अंतराष्ट्रीय दाम तथा टैक्नोलोजी अपग्रेडेशन फंड की माँग की है। उन्होंने कहा पियूष गोयल ने शिष्टमंडल को समस्याओं के हल करने का आश्वासन दिया है।