लोगों ने नौकरियां गंवाई और लोन की किश्तें पेंडिंग, सरकार ने क्या नीति बनाई : राजेंद्र राणा

लोगों ने नौकरियां गंवाई और लोन की किश्तें पेंडिंग, सरकार ने क्या नीति बनाई : राजेंद्र राणा

लोगों ने नौकरियां गंवाई और लोन की किश्तें पेंडिंग, सरकार ने क्या नीति बनाई : राणा

कोरोना महामारी के सवा साल में परेशान हर वर्ग पर सुजानपुर के विधायक ने सरकार को घेरा, कहा : मंहगाई ने पहले ही तोड़ रखे हैं सारे रिकार्ड और चैन की बांसुरी बजाकर सो रही सरकार

 

हमीरपुर, 10 जून : कोरोना महामारी के सवा साल में गलत नीतियों के चलते परेशान हुए हरेक वर्ग की आवाज उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा है कि सरकार ने क्या नीति बनाई है, जिससे जनता को आर्थिक मंदी से उबारकर राहत मिले। इस दौरान प्राइवेट सैक्टर में कार्यरत हजारों लोगों ने अपनी नौकरियों से हाथ धोए हैं। यह वही लोग थे, जिन्होंने घर बनाने व गाड़ियां खरीदने के लिए बैंकों से लोन ले रखा था। अब इन लोगों को बैंकों की ओर से किश्तों के लिए परेशान किया जा रहा है। जारी प्रैस विज्ञप्ति में विधायक राजेंद्र राणा ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे भी मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें बैंक किश्तों पर ली गई गाड़ियों को ले जा रहे हैं और प्रापर्टी कुर्क होने की नौबत आन पड़ी है। लोगों के लिए दो जून के खाने का इंतजाम करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि टैक्सी व बस आप्रेटर द्वारा गाड़ियों की किश्तें न चुकाए जाने पर उनकी टैक्सियों व बसों को उठाया जा रहा है, जबकि एक साल से निजी आप्रेटर घरों में बैठे हैं और गाड़ियां जंग खा रही हैं। इनके पास काम करने वाले हजारों चालक व परिचालकों की माली हालत खराब हो चुकी है।

विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि समय पर जनहित फैसले लेने में असफल रही सरकार की गलत नीतियों के कारण होटल व्यवसाय तबाह हो चुका है। उन्होंने कहा कि पहले ही हर वर्ग को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। पैट्रोल, सरसों के तेल व अन्य खाद्य सामग्री के दाम रिकार्ड तोड़ रहे हैं। एक तरफ जनता को खाने के लाले पड़ रहे हैं, लेकिन सरकार चैन की बांसुरी बजाकर सो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि प्रदेश के किसी के वर्ग को भी राहत प्रदान की हो। आखिर सरकार कोई प्रभावी नीति बनाने में फेल क्यों रही है और कोरोना काल में भी सरकार की आपसी लड़ाई ही खत्म नहीं हो रही है, जबकि यह समय जनता के लिए काम करने का है।