बीजेपी की सरकार कभी भी आम आदमी की हितैषी नहीं हो सकती: राजेंद्र राणा

बीजेपी की सरकार कभी भी आम आदमी की हितैषी नहीं हो सकती: राजेंद्र राणा

आम आदमी का जीना दुश्वार कर चुकी बीजेपी को अब कर्मचारियों व कांग्रेस की सीख की आने लगी है याद

 
हमीरपुर 10 नवंबर
हिमाचल में आए उपचुनावों के नतीजों ने बीजेपी की सत्ता का सरूर व गरूर मतदाताओं ने धराशाई किया है।
 
मतदाताओं द्वारा बीजेपी को दिए गए टीके के असर ने सत्तामद में चूर बीजेपी के होश बेशक ठिकाने लगाए हैं लेकिन अभी भी सरकार आम आदमी की दुश्वारियां बढ़ाने के लिए हर पैंतरा अपना रही है। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है।
 
उन्होंने कहा कि लगातार कर्मचारियों को बहाने बाजियों की सलीव पर टांगने वाली बीजेपी अब पौने तीन लाख कर्मचारियों की परेशानियों के समाधान की बातें करने लगी है। अनुबंध कर्मचारियों के कार्यकाल को घटाने की दलीलें दी जा रही हैं। राणा ने कहा कि पूरे चार साल तक कर्मचारी व कांग्रेस कर्मचारियों की परेशानियों के समाधान को लेकर लगातार सरकार के पास गुहार लगाते रहे हैं। लेकिन सरकार ने न कांग्रेस की सुनी, न कर्मचारियों की मानी लेकिन अब मतदाताओं के उपचुनावों में दिए गए टीके से बीजेपी को कर्मचारियों की याद आने लगी है।
 
अब वेतनभोगी कर्मचारियों को रेगुलर करने के शगुफे भी सरकार छोडऩे लगी है। 4-9-14 का लाभ भी कर्मचारियों को देने के झांसे बीजेपी देने लगी है लेकिन जनता व कर्मचारी इस बात को याद करें कि जैसे ही बीजेपी का खौफ खत्म होगा तो बीजेपी फिर से अपने पुराने मोड में आ जाएगी, यह तय है।
 
राणा ने उपचुनाव क्षेत्र के मतदाताओं का विशेष आभार प्रकट करते हुए कहा है कि मतदाताओं के आक्रोश ने बीजेपी के मंसुबों को स्वाह करने का जो संकल्प लिया है उस पर प्रदेश की जनता अडिग रहे। अन्यथा बीजेपी के लूट तंत्र में समाज का जीना लगातार दुश्वार होता जाएगा। लोकतंत्र में सरकारें प्रॉफिट और लॉस के फॉर्मूले पर नहीं बल्कि जनहित के फॉर्मूले पर चलती हैं जिसको बीजेपी ने पूरी तरह से दरकिनार कर अपनी पार्टी को प्राइवेट लिमिटेड बना रखा है।
 
जहां सत्ता के दम पर समाज के हर वर्ग पर सरकार लगातार चोट पर चोट करती आ रही है।
 
राणा ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि जनता बीजेपी की झांसाबाजियों पर कतई विश्वास न करे। क्योंकि बीजेपी ने केंद्र हो या राज्य अपने शासनकाल में यह साबित कर दिया है कि बीजेपी की सरकार कभी भी आम आदमी की हितैषी नहीं हो सकती है।