किसान नेता जवाब दें कि भाजपा नेताओं पर हमला करने वाले किसान हैं या कोई और: अश्वनी शर्मा

किसान नेता जवाब दें कि भाजपा नेताओं पर हमला करने वाले किसान हैं या कोई और: अश्वनी शर्मा

कैप्टन साहिब आप जनता के सरंक्षक हैं भक्षक नहीं, नीच हरकतों से बाज़ आए : अश्वनी शर्मा
 
भाजपा नेता भावेश अग्रवाल तथा विकास शर्मा पर हुए घातक हमले की अश्वनी शर्मा ने की कड़ी निंदा।
 
अमृतसर ,(राहुल सोनी )प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा द्वारा भारतीय जनता पार्टी के पटियाला देहाती के प्रभारी व वरिष्ठ नेता भावेश अग्रवाल तथा भाजपा पटियाला देहाती के अध्यक्ष विकास शर्मा पर राजपुरा में बैठक में भाग लेने के दौरान घातक जानलेवा हमला कर मारपीट किए जाने  पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कड़े शब्दों में घोर निंदा की है। शर्मा ने कहा कि भाजपा नेताओं पर किसानों के वेश में विपक्ष के पाले हुए गुंडों द्वारा दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। इन घातक जानलेवा हमलों के पीछे कैप्टन सरकार तथा पुलिस द्वारा सरंक्षित किए हुए किसानों के वेश में कांग्रेसियों द्वारा पाले हुए व सरंक्षित गुंडातत्व व असमाजिक लोग हैं। शर्मा ने कैप्टन को चेतवानी देते हुए कहाकि अगर भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं पर हमले बंद नहीं हुए तो भाजपा किसी भी हद तक जाने के लिए विवश हो जाएगी और इसकी सारी जिम्मेवारी कैप्टन सरकार की होगी।
                अश्वनी शर्मा ने कहा कि आज पटियाला देहाती के प्रभारी राजपुरा में भाजपा देहाती की होने वाली बैठक में भाग लेने पहुंचे भाजपा नेता भावेश अग्रवाल तथा भाजपा देहाती अध्यक्ष विकास शर्मा के साथ किसानों के वेश में विपक्षी दल के गुंडों द्वारा पुलिस की आँखों के सामने जमकर हाथपाई तथा मारपीट की गई और इस दौरान पुलिस कार्यवाही करने बजाय मूकदर्शक बन कर तमाशा देखती रही। उन्होंने कहा कि जब किसान रुपी ये कांग्रेसी गुण्डे भाजपा की बैठक में उत्पात मचाने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की जरा भी कोशिश नहीं की और उन्हें बैठक में बिना किसी रोकटोक के पहुँचने दिया गया। शर्मा ने आरोप लगाया कि पटियाला के एस.एस.पी. तथा ड्यूटी पर तैनात डी.एस.पी. टिवाना की मौजूदगी में हुई यह घटना इस बात को साफ़ दर्शाती है कि इसमें पुलिस की मिलिभगत साफ़ नजर आती है। शर्मा ने कहाकि कैप्टन अगर अपना पक्ष साफ़ रखना चाहते हैं तो वह तुरंत प्रभाव से मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारीयों को सस्पेंड करें।
                अश्वनी शर्मा ने कहाकि एक तरफ किसान नेता उनका आन्दोलन शान्तमय ढंग से चलने तथा शान्तमय प्रदर्शन करने की बात करते हैं। शर्मा ने शान्तमय प्रदर्शन का दावा करने वाले किसान नेताओं से सीधा सवाल किया कि भाजपा नेताओं के विरुद्ध उग्र प्रदर्शन करने वाले तथा उन पर कातिलाना हमला करने वाले किसान हैं या कोई और गुंडातत्व, पहले यह साफ़ करें? क्यूंकि रोज़ाना राज्य में कहीं ना कहीं भाजपा नेताओं पर कातिलाना हमले हो रहे हैं और वो सब किसानों के नाम पर हो रहे हैं और उनके हाथ में किसानी आन्दोलन के झंडे तथा अन्य सामान होता है। शान्तमय ढंग से आन्दोलन का दावा करने वाले किसान नेता बताएं कि क्या शान्तमय आन्दोलन ऐसा होता है कि कार्यक्रम कर रहे लोगों पर कातिलाना हमले किए जाए, उनसे मारपीट की जाए, उनकी गाड़ियों पर हथियारों व ईंट-पत्थरों से हमले किए जाएं? उन्होंने कहाकि अगर किसान शान्तमय आन्दोलन कर रहे हैं तो भाजपा नेताओं पर हमले करने वाले कौन हैं?
                अश्वनी शर्मा ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहाकि पंजाब में पुलिस तथा पंजाब के गृह विभाग की कमान कैप्टन के हाथ में है और कैप्टन के इशारे पर पुलिस यह सब कांग्रेसी समर्थित तथा सरंक्षित गुण्डों द्वारा करवा रही है। शर्मा ने कहाकि कैप्टन साहिब आप जनता के सरंक्षक हैं भक्षक नहीं इसलिए अपनी इन नीच हरकतों से बाज़ आएं। जनता आपसे जवाब माँग रही है। शर्मा ने कहाकि अगर कैप्टन से पंजाब में कानून-व्यवस्था बरकरार नहीं राखी जाती और सत्ता नहीं संभाली जाती तो अमरिंदर सिंह को त्यागपत्र दे देना चाहिए। कैप्टन ने पंजाब में लोकतंत्र का जैसे गला घोंट कर पंजाब में आपातकाल का माहौल बना रखा है, जनता आपको कभी माफ़ नहीं करेगी। आपको अपनी की गई एक-एक गलती का हिसाब चुनाव में देना पड़ेगा। इस अवसर पूर्व मंत्री मास्टर मोहन लाल, जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, पूर्व विधायक नरिंदर परमार, पूर्व मेयर अनिल वासुदेवा, जिला महासचिव सुरेश शर्मा, विनोद दीवान, विंदा सैनी, शमशेर ठाकुर, आदि उपस्थित थे।