राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में अनुचित तरीके से हस्तक्षेप ठीक नहीं

राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में अनुचित तरीके से हस्तक्षेप ठीक नहीं

पंजाब विधानसभा में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 से बढ़ाकर 50 किलोमीटर करने के खिलाफ पारित किया गया प्रस्ताव राजनीतिक अवसरवादिता और देश की सुरक्षा का राजनीतिकरण करने के बराबर: अश्वनी शर्मा

अमृतसर,  ( राहुल सोनी  )पंजाब में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी द्वारा पंजाब विधानसभा में केंद्र स्र्किअर द्वारा बी.एस.ऍफ़. का अधिकार क्षेत्र 15 से 50 किलोमीटर बढ़ाए जाने के विरुद्ध पारित किए गए प्रस्ताव पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि यह प्रस्ताव राजनीतिक अवसरवादिता और देश की सुरक्षा का राजनीतिकरण करने के बराबर है। सत्तारूढ़ कांग्रेस द्वारा इस कदम को राज्य पुलिस का अपमान, कानून और व्यवस्था बनाए रखने की पुलिस की  जिम्मेदारी में हस्तक्षेप और देश के संघीय ढांचे के उल्लंघन के जो आरोप लगाए गए हैं, वो पूरी तरह से निराधार हैं।

               

अश्वनी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के उपमुख्यमंत्री द्वारा सदन में दिया गया बयान राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा की समझ की कमी और उस चुनौती के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है, जिसका सामना आज पंजाब और देश के लोग बड़े पैमाने पर शत्रुतापूर्ण विदेशी शक्तियों का सामना कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र के विस्तार के साथ, राज्य पुलिस  वास्तव में अपने कर्तव्यों का पालन करने की और बेहतर स्थिति में होगी क्योंकि उसे बीएसएफ से और भी खुफिया जानकारीयाँ  मिलेगी और अपराध को रोकने में भी सहायता मिलेगी।

               

अश्वनी शर्मा ने कहा कि बी.एस.ऍफ़. का अधिकार क्षेत्र 50 किलोमीटर का नियम पूरे देश में लागू है। पंजाब को छोड़कर किसी अन्य सीमावर्ती राज्य ने इसके खिलाफ कोई आपत्ति व्यक्त नहीं की है। सत्ताधारी कांग्रेस द्वारा इसका विरोध किया जाने के पीछे कांग्रेस की मंशा चुनाव का समय होने के कारण एकदम स्पष्ट हो जाती है। शर्मा ने कहा कि दुनिया भर के सभी लोकतंत्रों में परंपरा यह है कि देश की सुरक्षा के मुद्दों को केंद्र की सत्ताधारी सरकार के पक्ष में छोड़ दिया जाता है। भारत में भी पहले से इस परंपरा का बड़ी लगन से पालन किया जाता रहा है। भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए देश की सुरक्षा पहलुओं पर हमेशा सत्ताधारी दल के सभी फैसलों का पुरजोर समर्थन किया है।

               

अश्वनी शर्मा ने कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि विपक्ष आज राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में अनुचित तरीके से हस्तक्षेप करके इस मुद्दे को अपनी नीच राजनीतिक स्वार्थ के लिए हवा दे रहा है। शर्मा ने कहा कि बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र ऐसे ही रहेगा। सत्ताधारी कांग्रेस इसे शालीनता से स्वीकार करके अपने लिए कद हासिल कर सकती थी। कांग्रेस द्वारा इसे भी राजनीतिक अवसरवाद लिए प्रयोग किया जाना बहुत दुर्भाग्पूर्ण है। इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कांग्रेस का यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है।