सुरेखा सीकरी का निधन, 'बालिका वधू' में दादी सा का निभाया था महत्वपूर्ण किरदार

सुरेखा सीकरी का निधन, 'बालिका वधू' में दादी सा का निभाया था महत्वपूर्ण किरदार

बालिका वधू'  में दादी सा का महत्वपूर्ण किरदार निभाने बाली सुरेखा सीकरी का निधन ब्रेन स्ट्रोक के कारण आज सुबह हुआ.

75 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. सुरेखा सीकरी लंबे समय से बीमार चल रही थीं, कार्डिएक अरेस्ट की वजह से उनका निधन हुआ.उनके अकस्मात जाने से  बॉलीवुड और टीवी जगत में शोक की लहर है.

आज सुबह ही उन्होंने (सुरेखा सीकरी) ने अंतिम सांस ली. दूसरे ब्रेन स्ट्रोक के बाद वह अपने सेहत को लेकर काफी परेशानी थीं. उन्हें पहली बार साल 2018 में ब्रेन स्ट्रोक में आया, जिसके बाद उन्हें पैरालिसिस अटैक पड़ा था.

सुरेखा सीकरी थियेटर, टीवी और फिल्मों का हिस्सा रहीं. उन्हें 3 बार बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था. ये फिल्में तमस (1988), मम्मो (1995) और बधाई हो (2018) थी.

66वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में एक्ट्रेस सुरेखा सीकरी को फिल्म 'बधाई हो' में दादी का यादगार रोल निभाने के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के अवॉर्ड से नवाजा गया था. सुरेखा सीकरी जब व्हीलचेयर पर अवॉर्ड लेने पहुंचीं तो उन्हें सम्मान देने के लिए लोगों ने खड़े होकर तालियां बजाईं थीं.

सुरेखा सीकरी मूलत: उत्तर प्रदेश से थीं। उनका बचपन अल्मोड़ा और नैनीताल में बीता। उनके पिता एयरफोर्स मे थे और मां एक टीचर थीं। 1971 में सुरेखा ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पढ़ाई की। उन्हें 1989 में संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड से नवाजा गया। सुरेखा ने हेमंत रेगे से शादी की थी। 2009 में उनके पति का निधन हो गया। उनके एक बेटा राहुल सीकरी है।

सुरेखा ने सीरियल ‘बालिका वधू’ में दादी सा का किरदार निभाया था। इसके अलावा उन्होंने सीरियल ‘एक था राजा एक थी रानी’, ‘सात फेरे’, ‘बनेगी अपनी बात’ और ‘सीआईडी’ में काम किया। सुरेखा की मुख्य फिल्मों में ‘किस्सा कुर्सी का’, ‘तमस’, ‘सलीम लंगड़े पे मत रो’, ‘मम्मो’, ‘सरदारी बेगम’, ‘सरफरोश’, ‘जुबैदा’, ‘बधाई हो’ और ‘घोस्ट स्टोरीज’ हैं।

 

 

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