शिक्षकों के प्रति अमरेन्द्र का रवैया कठोर, बेरहम व अमानवीय , पूरे पंजाब में असंतोष : चुघ

शिक्षकों के प्रति अमरेन्द्र का रवैया कठोर, बेरहम व अमानवीय , पूरे पंजाब में असंतोष : चुघ


कैप्टेन सरकार के कुप्रबन्दों के कारण पंजाब में शिक्षक, किसान , व्यपारि आत्महत्या कर रहे हैं : चुघ

कैप्टन द्वारा पंजाब की समस्या पर उदासीन व अलोप रहने  से पूरे राज्य में मायूसी व हताश  निराश का माहौल : चुघ


चंडीगढ़ : 
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने पंजाब में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार शिक्षकों के प्रति अमरेन्द्र सरकार के कठोर, बेरहम व अमानवीय रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि  इन शिक्षकों को कैप्टेन की पंजाब सरकार ने लाठियों व धरणो के इलावा कुछ नहीं दिया  ।

बुधवार को मोहाली में एक शिक्षक को आत्महत्या का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर करने वाली परिस्थितियों के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराते हुए इस घटना पर  तरुण चुघ ने खेद व्यक्त किया कि राज्य सरकार ने उनकी शिकायतों की जानबूझ कर अनदेखी की है ।कैप्टेन सरकार के कुप्रबन्दों के कारण पंजाब में शिक्षक, किसान , व्यपारि आत्महत्या कर रहे हैं

 चुघ ने कहा कि पंजाब के स्कूली शिक्षा के मामले में देश में शीर्ष स्थान पर पहुंचने वाले शिक्षकों को बेवजह लेना   निंदनीय है।

 चुघ ने कहा कि शिक्षक राज्य के सभी हिस्सों में नौकरियों और अपने मेहनताने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं पर कैप्टेन की गूंगी बहरी सरकार के कानों पर जु नही रेंग रही है।

उन्होंने कहा कि पंजाब एक ऐसा राज्य बन गया है जहां सभी वर्ग अमरेन्द्र सरकार से नाखुश हैं। सरकारी कर्मचारी हों, शिक्षक , डॉक्टर, नर्स , प्रोफ़ेसर, मजदुर हों या उद्यमी, सभी अमरेन्द्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं जो सरकार के किसी भी वर्ग को खुश करने में विफल रही है।
चुघ ने कहा, यह पंजाब में कांग्रेस सरकार के पूर्ण पतन और विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अमरेन्द्र सरकार के हर वर्ग व समस्या के लिए उदासीन व अलोप रहने  से पूरे राज्य में मायूसी व हताश  निराश का माहौल है।