देश को भुखमरी व बेरोजगारी में धकेलने वाली बीजेपी को उखाड़ फैंकने के लिए प्रदेश का हर नागरिक करे सहयोग :राजेंद्र राणा

देश को भुखमरी व बेरोजगारी में धकेलने वाली बीजेपी को उखाड़ फैंकने के लिए प्रदेश का हर नागरिक करे सहयोग :राजेंद्र राणा

हमीरपुर 16 अक्तूबर
 
बतौर कांग्रेस स्टार प्रचारक एवं प्रभारी फतेहपुर उपचुनाव के लिए फिर से पहुंचे सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि देश सचमुच ही खतरनाक व नाजुक दौर में जा पहुंचा है। देश की बदतर हो चुकी स्थिति पर आ रही सूचनाओं को गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अब अगर देश को बचाना है तो इसमें देश के हर छोटे-बड़े नागरिक को सहयोग करना बेहद जरूरी है। राणा ने कहा कि चिंताजनक बात यह है कि जो बीजेपी के नेता देश में फाइव ट्रिलीयन की अर्थव्यवस्था बनाने चले थे उनके जुमलों के कारण देश दुनिया में भुखमरी में 101वें स्थान पर आ लुढका है। राणा ने कहा कि गलोबल हंगर इंडेक्स 2021 में 116 देशों में से 101वें स्थान पर जा पहुंचना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि आलम यह है कि इस इंडेक्स में पाकिस्तान, बांग्लादेश व नेपाल जैसे मुल्खों से भी भारत पीछे जा पहुंचा है। राणा ने कहा कि इस खतरनाक हालात के बावजूद देश की विरासतों को बेचने का सिलसिला धड़ाधड़ जारी है। ताजा सूचना के मुताबिक अब और 109 ट्रेनों को प्राइवेट हाथों में दिया जा रहा है। आईआरसीटीसी द्वारा वंदे भारत ट्रेनें शुरू करने के बाद केंद्र सरकार ने ट्रेनों को पूरी तरह निजी हाथों में सौंपने का फैसला कर लिया है। देश में एक के बाद एक सरकारी विरासतें बेची जा रही हैं। आम आदमी महंगाई व बेरोजगारी की दोहरी मार से हाल-बेहाल है। अपने बर्बाद होते भविष्य को देखकर हजारों पढ़े-लिखे बेरोजगार नौजवान खुदकशी जैसा कदम उठा चुके हैं। सरकार की नजर अब बैंकों में जनता की जमा पूंजी पर है। राणा ने कहा कि हिमाचल के तीन विधानसभाओं के उपचुनाव व एक संसदीय सीट का उपचुनाव इस बात का फैसला करेगा कि कितने लोग देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए खड़े होते हैं और कितने लोग नई ईस्ट इंडिया कंपनी के दबाव में पंगु होकर बीजेपी के पक्ष में देश को बर्बाद करने में खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब किसी भी मुल्क की विरासतें सरकार के निक्कमेपन और लालच के कारण बिकती हैं तो देश पर गहरे संकट आते हैं। इसलिए ऐसी सरकारों को उठा उखाड़ फैंकने की हिम्मत अब हर नागरिक को दिखानी होगी, इसकी शुरूआत हिमाचल के उपचुनावों से ही करनी होगी। राणा ने खुलासा किया कि असल बात यह है कि बीजेपी की तानाशाही व मनमानी से दुखी बीजेपी के अधिकांश नेता भी यह चाहते हैं कि इन उपचुनावों में बीजेपी को झटका लगना जरूरी है। ऐसी स्थिति कमोवेश प्रदेश के हर उपचुनाव में देखी जा रही है। जहां बीजेपी के लोग ही सरकार की नाकामियों व तानाशाहियों की बातें सुनाते नहीं थक रहे हैं। जाहिर है कि बीजेपी के लोगों को ही अब बीजेपी पर कोई भरोसा नहीं बचा है।