तीक्ष्ण सूद ने जेसीटी इलेक्ट्रॉनिकस प्लॉट बिक्री घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया

तीक्ष्ण सूद ने पंजाब के उद्योग मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा व उनके विभाग द्वारा जेसीटी इलेक्ट्रॉनिकस प्लॉट बिक्री घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया ।                          अमृतसर,(राहुल सोनी ) भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री पंजाब तीक्ष्ण सूद ने पंजाब के उद्योग मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा तथा उनके विभाग द्वारा जे.सी.टी. इलेक्ट्रॉनिक्स प्लॉट बिक्री घोटाले में 450 करोड़ के घोटाले का सबूतों के साथ पर्दाफाश किया है। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष अत्विंद मित्तल तथा प्रदेश प्रवक्ता अमनजोत कौर रामूवालिया भी उपस्थित थे। उन्होंने कहाकि भाजपा द्वारा इस मामले को उठाये जाने के बाद ई.डी. विभाग ने जाँच शुरू कर दी है। उन्होंने कहाकि इस घोटाले में जिस जी.आर.जी डिवेलपर्स एवं कोलोनाइज़र कंपनी को जमीन बेचीं गई है उसमें मंत्री सुन्दर शाम अरोड़ा भी पार्टनर है।

          तीक्ष्ण सूद ने कहाकि जेसीटी इलेक्ट्रॉनिक्स प्लॉट बिक्री घोटाले में कैबिनेट मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा के विरुद्ध सरकार की 450 करोड़ रूपये से ज्यादा की कीमती 31 एकड़ जमीन को धोखे से बेचने के घोटाले के मामले को लेकर भाजपा द्वारा माननीय लोकपाल, पंजाब रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार शर्मा को शिकायत की गई थी, जिस पर माननीय लोकपाल द्वारा मंत्री सुन्दर श्याम अरोड़ा व उनके विभाग से संबंधित अधिकारीयों तथा भूमि खरीदने वाली कंपनी को नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने कहाकि भाजपा मांग करती है कि माननीय लोकपाल द्वारा जाँच किए जाने तक मंत्री सुन्दर श्याम अरोड़ा को पंजाब कैबिनेट से बर्खास्त कर सभी जिम्मेवारियों से मुक्त किया जाए।

तीक्ष्ण सूद ने कहा कि 17-5-81 के पत्र के अनुसार सेवानिवृत्त सीजीएम पीएसआईईसी अश्विनी कुमार गुप्ता ने अपने पत्र में लिखा है कि दो बेनामी प्लाट कर्मचारियों ने खड़े किए जिनकी कीमत करीब 6 करोड़ रूपये है, उद्योग मंत्री को गिफ्ट पेश किया, जिनके विरुद्ध विजिलेंस विभाग द्वारा जाँच नम्बर-3 वर्ष 2018 है। तीक्षन सूद ने मंत्री के बेटे के साथ विजिलेंस मामलों का सामना कर रहे नायब तहसीलदार मिस्टर तूत और सुदर श्याम अरोड़ा व तूत की नजदीकियों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहाकि यह बहुत ही गंभीर मामला है और सीबीआई और ईडी को इसे जल्द से जल्द हल करना चाहिए।

 

तीक्ष्ण सूद ने कहाकि गुलमोहर टाउनशिप द्वारा फिलिप्स लैंप/आनंद लैंप पंजाब से खरीदे गए औद्योगिक भूखंड को अनुमति देने का एक और घोटाला उजागर हुआ है, जहां मंत्री ने अवैध रूप से पुडा और रेरा कानूनों को दरकिनार करके 27 एकड़ के भूखंड को 125 छोटे भूखंडों में विभाजित करने की अनुमति देकर अवैध रूप से विकास की अनुमति दी है। उन्होंने कहाकि कानून और मानदंडों को दरकिनार करके अरोड़ा द्वारा अवैध आबंटन करके करीब 500 करोड़ का सरकारी खजाने को चूना लगाया गया है।