कोरोना वायरस की तीसरी लहर की चेतावनी, समझदारी में ही बचाव है

कोरोना वायरस की तीसरी लहर में वैक्सीनेशन ही बचने का एकमात्र उपाय

 

म्स के प्रमुख डॉक्टर रणदीप गुलेरिया  ने यह आशंका व्यक्त की है की भारत में अगले 6-8 हफ्तों में कोरोना वायरस की तीसरी लहर के

आने की आशंका है. उन्होंने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि तीसरी लहर से 'बचा नहीं जा सकता'.

मार्च के अंत में शुरू हुए लॉकडाउन के दौर के बाद देश के कई हिस्सों में अनलॉक की प्रक्रिया जारी है. हालांकि, एक्सपर्ट्स ने कुछ समय पहले ही तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की थी.

हिमाचल प्रदेश में पिछले दिनों के बाद करीब 8000 गाड़ियां शिमला आ गई थी और स्तिथि गम्भीर हो गई थी. लोगों ने समझदारी नहीं दिखाते हुए कोरोना के सारे नियम तोड़े और इस संक्रमण को और ज्यादा बढ़ाने मे ही मदद की. अभी स्थिति उसी प्रकार बनी हुई है और हम जल्दी तीसरी कोरोना लहर की और भी आगे बड़ रहे है.

 

भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर का असर कम हो रहा है। इस बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों के एक दल ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की है। उन्होंने अक्टूबर तक देश में कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई है।


चिकित्सा विशेषज्ञों के रॉयटर्स पोल में 85 प्रतिशत स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर भारत में आई दूसरी कोरोना लहर के मुकाबले अधिक नियंत्रित होगी। तीसरी लहर के कारण अब देश में कोरोना का संक्रमण एक और साल तक बना रह सकता है।


दुनियाभर के 40 स्वास्थ्य विशेषज्ञों, डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, वायरोलॉजिस्ट, महामारी विज्ञानियों और प्रोफेसरों के 3-17 जून के स्नैप सर्वेक्षण से पता चला है कि दूसरी लहर में टीकों, ऑक्सीजन, दवाओं, अस्पतालों में बिस्तरों की कमी होने की वजह से यह अधिक विनाशकारी बन गई।

कोरोना की तीसरी लहर दूसरी लहर से ज्यादा खतरनाक होगी. हालांकि यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोना वायरस के खिलाफ बेहतर तैयारी के जरिये इससे होने वाले प्रभाव को कम किया जा सकता है. गंभीर मामलों में कमी लायी जा सकती है इससे मृत्यु दर में भी कमी आयेगी

 

 

 

 

 

news is for the informative purpose only,