स्वच्छता सर्वेक्षण 2021, शिमला शहर की रैकिंग गिरी,65वीं रैंक से गिरकर 102 रैंक पर

स्वच्छता सर्वेक्षण 2021, शिमला शहर की रैकिंग गिरी,65वीं रैंक से गिरकर 102 रैंक पर

देशभर में शनिवार को स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 की लिस्ट जारी की गई है.

शिमला शहर की रैकिंग गिरी, 65वीं रैंक से गिरकर 102 रैंक पर

मध्य प्रदेश का इंदौर शहर लगातार पांचवीं बार पहले स्थान पर रहा. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज विजेताओं को सम्मानित किया. स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 में दूसरे नंबर पर सूरत (गुजरात) और तीसरे नंबर पर विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) रहा. वहीं, यूपी के वाराणसी को सबसे स्वच्छ गंगा शहर का खिताब मिला है. स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत भारत को कचरा-मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टकोण की तर्ज पर कचरा-मुक्त शहरों की श्रेणी के तहत प्रमाणित शहरों को इस समारोह में सम्मानित किया गया.

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी और टूरिस्ट के पहली पसंद शिमला के लिए निराशा हाथ लगी है. स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में शिमला शहर की रैकिंग इस बार गिर गई है. बीते साल के मकाबले शिमला 65वीं रैंक से गिरकर 102 रैंक पर आया है.

जानकारी के अनुसार, स्वच्छता सर्वेक्षण में 100 शहरी निकायों से कम वाले राज्यों में हिमाचल ने एक रैंक का सुधार कर पांचवां स्थान हासिल किया है. इससे पहले, वर्ष 2020 में हिमाचल छठे स्थान पर था. इस बार की रैंकिंग में झारखंड पहले स्थान पर, हरियाणा दूसरे, गोवा तीसरे उत्तराखंड चौथे स्थान पर स्वच्छता में आंका गया है. मंडी और धर्मशाला सहित कई शहरों ने स्वच्छता में सुधार किया है, जबकि स्मार्ट सिटी शिमला स्वच्छता में पिछड़ गया है और 65वें स्थान से लुढ़क कर 102 पर पहुंच गया है. एक लाख से दस लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में शिमला पिछड़ गया है.

एक लाख तक की आबादी की श्रेणी में स्मार्ट सिटी धर्मशाला ने 2253.5 अंकों के साथ 134वें स्थान पर है. मंडी 1479.69 अंकों के साथ 155, जबकि पालमपुर नगर निगम 2038.49 अंकों के साथ 214वें स्थान पर रहा है.

स्वच्छता के लिए कुल 6000 अंक निर्धारित किए गए थे, इसमें शौचालय की स्वच्छता से लेकर साफ सफाई, ठोस कचरा प्रबंधन के लिए अपनाई जा रही व्यवस्था और स्थिति, घर-घर से कूड़ा इकट्ठा करने के साथ स्वच्छता से जुड़े कर्मचारियों के लिए कल्याणकारी योजनाएं और अन्य मानक शामिल थे.