आटा गूंथने के बाद उँगलियों से निशान क्यों बनाते हैं

आटा गूंथने के बाद गृहणियां उस पर उँगलियों से निशान क्यूँ बनाती हैं !

 अगर ऐसा नहीं किया जाए तो वह पिंड का रूप ले लेता है   जो कि अशुभ होता है इसलिए आटे को गूंथने के बाद   उंगलियों से निशान बनाए जाते है ताकि वह पिंड न रहे 

यह भारतीय सनातन संस्कृति है जो आदि काल से चली आ रही है

 

 

हिंदू धर्म में पूर्वजों एवं मृत आत्माओं को संतुष्ट करने के लिए पिंड दान की विधि बताई गई है। पिंडदान के लिए जब आटे की लोई (जिसे पिंड कहते हैं) बनाई जाती है तो वह बिल्कुल गोल होती है। इसका आशय होता है कि यह गूंथा हुआ आटा पूर्वजों के लिए है। मान्यता है कि इस तरह का आटा देखकर पूर्वज किसी भी रूप में आते हैं और उसे ग्रहण करते हैं। यही कारण है कि जब मनुष्यों के ग्रहण करने के लिए आटा गूंथा जाता है तो उसमें उंगलियों के निशान बना दिए जाते हैं। यह निशान इस बात का प्रतीक होते हैं कि रखा हुआ आटा, लोई या पिंड पूर्वजों के लिए नहीं बल्कि परिजनो के लिए है।