सरकारी संपत्तियां बेचकर देश को खोखला ना करे सरकार: राजेंद्र राणा

हमीरपुर , 24 अगस्त- 

सुजानपुर के विधायक व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा ने कहा है कि मोदी सरकार देश की पहली ऐसी सरकार है जो सत्ता मैं आने के बाद से ही एक-एक करके सरकारी संपत्तियां बेचती जा रही है। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश को खोखला करने के लिए मोदी सरकार ने कमर कसी हुई है और एक बार फिर मोदी सरकार सरकारी संपत्तियां बेचकर पैसे जुटाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी संपत्ति को जल्द बेचने के लिए मोदी सरकार के जिस नये प्रोग्राम का खुलासा किया है, वह इस सरकार की हर मोर्चे पर विफलता और दिशाहीनता का सूचक है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने सरकारी संपत्तियां बेचकर पैसा जुटाने के लिए मोदी सरकार को जनादेश नहीं दिया था बल्कि वायदों को हकीकत में बदलने के लिए भारी जन समर्थन दिया था। उन्होंने कहा मोदी सरकार ने सत्ता में आने से पहले देश की जनता को इस नारे के साथ भ्रमित किया था कि-" बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार" और अब देश की जनता ने साक्षात देख लिया है कि मोदी शासन में गैस सिलेंडर 1000 और पेट्रोल ₹100 प्रति लीटर का आंकड़ा पार कर गया है। महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ डाली है। हर साल 2 करोड युवाओं को नौकरियां देना तो दूर की बात रही, सरकार की गलत नीतियों के चलते करोड़ों लोग अपने रोजगार से हाथ धो बैठे हैं। हर वर्ग सरकार से हताश और निराश है। किसान सड़कों पर बैठे हैं और मोदी सरकार चैन की बंसी बजा रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार चंद पूंजीपतियों को खुश करने वाली सरकार बन कर रह गई है और आम आदमी की पीड़ा से मोदी सरकार ने अपना मुख मोड़ लिया है।
 
उन्होंने कहा कि हमारे समाज में वही लायक पुत्र कहलाता है जो अपने पिता की संपत्ति में और इजाफा करता है । वह बेटा जो पिता की संपत्ति ही बेच डालता है ,उसे जनता नालायक कहती है। उन्होंने कहा मोदी सरकार को जनता के बीच अपनी ऐसी धारणा नहीं बनानी चाहिए जिससे दुनिया में देश की साख पर बट्टा लगता हो। उन्होंने कहा सरकारी संपत्तियां बेचना देश के स्वाभिमान के खिलाफ है।