गरीबों को स्क्रीनों के सामने राशन देने में असली नफा किसको होगा बताए सरकार : राजेंद्र राणा

गरीबों को स्क्रीनों के सामने राशन देने में असली नफा किसको होगा बताए सरकार : राजेंद्र राणा

गरीब की आड़ में असली कमाई किसकी होगी, जनता जानती है

 
स्क्रीनों के सामने राशन देने का क्या है मकसद
 
हमीरपुर 24 सितंबर
 
 
हर बात व हर योजना को बाजार की तर्ज पर पेश करके जनता को गुमराह करना बीजेपी की आदत व अदा बन गई है। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है। लोकतंत्र में जन कल्याणकारी सरकारी योजनाओं को लागू करना सरकार का फर्ज होता है। इसलिए जनता ने सियासी दलों को जनादेश दिया होता है लेकिन लोकतंत्र में जनादेश के माध्यम से सत्ता से सियासत एक खराब प्रचलन है और यह प्रचलन बीजेपी ने शुरू किया है। राणा ने कहा कि अब गरीबों को मुफ्त राशन देने की नोटंकी को सरकार ने बड़ी एलईडी स्क्रीनों पर दिखाने का काम शुरू किया है। गजब की बात यह है कि यह राशन भी वही है जो सरकार डिपुओं में गरीबों को दे रही है। इसकी मात्रा भी उतनी है जितना डिपुओं के माध्यम से गरीबों को मिलता है। गजब की स्थिति यह है कि गरीबों को दिया जाने वाला राशन सरकार की उपलब्धि को जताने व बताने को लेकर डिपुओं में न देकर इस बार बड़ी एलईडी स्क्रीनों के सामने दिया जाएगा। राणा ने कहा कि इसमें समझने जैसी बात यह है कि इस नोटंकी से गरीब को कोई अतिरिक्त लाभ होने वाला नहीं है। उल्टा उसको यह राशन लेने के लिए डिपु की बजाय अब बीजेपी के निर्देश पर प्रसारण स्थलों पर जाना पड़ेगा और इसी नोटंकी में सरकार गरीबों पर एहसान जताकर वाहवाही लूटेगी। राणा ने सरकार से पूछा है कि बाजार की तर्ज पर गरीबों को राशन देने के इन नाटकों पर कितना खर्चा होगा। समूचे देश और प्रदेशों में इसके लिए हर विधानसभा क्षेत्र में दो-दो बड़ी स्क्रीनें लगाई जाएंगी। सभी उचित मूल्य की दुकानों से 25-25 बीपीएल परिवारों को राशन जो उनको वैसे भी मिलना है वह राशन एलईडी स्क्रीनों के सामने दिया जाएगा। इस सब में गरीब का क्या फायदा होगा और इस नोटंकी पर किए गए लाखों के खर्चे में असली कमाई गरीब के नाम पर किसकी होगी, सरकार जरा लगे हाथों यह भी बता दे। हालांकि इस काम का जिम्मा देश भर में तमाम जिलाधीशों को दिया गया है। प्रदेश में यह कार्यक्रम शिमला के पीटर हाउस के अतिथि गृह में रखा गया है। जहां केंद्रीय खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मंत्री पियूष गोयल लाभार्थियों से बात करेंगे। सवाल यह उठता है कि इस सब में गरीब के नाम पर असली नफा किसको हो रहा है और गरीब के नाम पर बाजार की तर्ज पर इस नोटंकी से आम गरीब को क्या फायदा हो रहा है सरकार को बताना होगा। राणा ने कहा कि बीजेपी के पास विकास के नाम पर बताने व दिखाने को कुछ नहीं है इसलिए सत्ता और सियासत को बाजार की तर्ज पर बाजारू हथकंडे अपनाकर इन नोटंकियों में लगी है।