युद्व संग्रहालय के लंबित कार्यों को समयबद्व पूरा करने के दिए निर्देश,  सैन्य साजोसमान और युद्वों के इतिहास की झलक भी मिलेगी: डीसी

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युद्व संग्रहालय के लंबित कार्यों को समयबद्व पूरा करने के दिए निर्देश,  सैन्य साजोसमान और युद्वों के इतिहास की झलक भी मिलेगी: डीसी

धर्मशाला, 24 जुलाई। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि धर्मशाला के युद्व स्मारक तथा संग्रहालय के सौंदर्यीकरण के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। इस बाबत शनिवार को एनआईसी के सभागार में युद्व स्मारक एवं संग्रहालय में चल रहे कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि युद्व संग्रहालय में लंबित कार्यों को त्वरित आरंभ करवाने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे इस बाबत आवश्यक प्लान तैयार करने के लिए भी कहा गया है।


उन्होंने कहा कि चार अगस्त को युद्व संग्रहालय के कार्यों के लिए समिति के सदस्यों के साथ एक आवश्यक बैठक भी आयोजित की जाएगी जिसमें विभिन्न कार्यों के प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा इसके पश्चात टेंडर प्रक्रिया आरंभ की जाएगी ताकि युद्व संग्रहालय के लंबित कार्यों को समयबद्व पूरा किया जा सके।

   

उन्होंने कहा कि देश और विदेश से युद्व स्मारक तथा युद्व संग्रहालय विजिट करने के लिए हजारों पर्यटक यहां आते हैं युद्व संग्रहालय में युवाओं तथा आम जनमानस के लिए सेना से जुड़ी विभिन्न जानकारियां भी मिलेंगी।
इसमें सेना के युद्वों और संघर्षों की शिक्षा एवं देशभक्ति को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक महत्व की चीजों के संग्रह, संरक्षण और सैन्य साजोसमान की झलक भी मिलेगी।
       

उन्होंने कहा कि युद्व संग्रहालय में सैन्य हथियारों को प्रदर्शित किया जाएगा इसके साथ ही विभिन्न युद्वों की जानकारी भी प्रर्दशित की जाएगी। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि धर्मशाला का युद्व संग्रहालय को हिमाचल के भव्य संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युद्व स्मारक की साफ सफाई की उचित व्यवस्था की जाएगी इसके साथ ही पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए भी उचित कदम उठाए जाएंगे।


इससे पहले उपनिदेशक सैनिक कल्याण विभाग कर्नल चहल ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए युद्व संग्रहालय में चल रहे विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की तथा लंबित कार्यों को समयबद्व पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर एडीसी राहुल कुमार सहित युद्व संग्रहालय समिति के गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित थे।