कांगड़ा न्यूज़ : डल झील के संरक्षण व संवर्धन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

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कांगड़ा न्यूज़ : डल झील के संरक्षण व संवर्धन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

 

 

 

 

 

रेल मंत्रालय से डलहौज़ी को रेल लाइन से जोड़ने का अनुरोध

नई दिल्ली, 26 नवम्बर, 2021ः कांगड़ा-चम्बा के सांसद किशन कपूर ने  रेल मंत्रालय से चम्बा ज़िला के प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं पर्यटन नगर डलहौज़ी को रेल मार्ग से जोड़ने के प्रस्ताव पर विचार करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि पठानकोट से डलहौज़ी की  दूरी मात्र 81 किलोमीटर है और इस शहर को रेल मार्ग से जोड़ने से हिमाचल प्रदेश का  आकांक्षी ज़िला चम्बा भी रेल  मार्ग से जुड़ जाएगा। उन्होंने कहा है  डलहौज़ी को रेल मार्ग से जोड़ने के सम्बंध में  रेल मंत्री को पत्र द्वारा भी अनुरोध किया गया है और आगामी संसद-सत्र में यह मामला वह संसद में भी उठाएंगे।
गत दिवस चंडीगढ़ में रेलवे के फिरोज़पुर मंडल द्वारा आयोजित बैठक को सम्बोधित करते हुए सांसद किशन कपूर ने कहा कि फिरोज़पुर मंडल के अंतर्गत पठानकोट-जोगिन्द्रनगर  रेल लाइन के रख-रखाव और संचालन का दायित्व है लेकिन यह रेल मार्ग सदैव ही उपेक्षित रहा है। उन्होंने कहा है अंग्रेजों द्वारा 1927 में निर्मित यह रेल लाइन लगभग 100 वर्षों में एक इंच भी इधर से उधर नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पठानकोट-जोगिन्द्रनगर रेल लाइन पर पहले सात ट्रेनें चलती थी जिनमें से केवल चार ट्रेनें ही पुनः चलाई गई हैं जबकि शेष तीन ट्रेनों को पुनः प्रारम्भ नहीं किया गया है।  इस रेल लाइन पर कुछ रेलवे फ़ाटक ऐसे हैं जहां फ़ाटक बन्द होने के कारण सदैव  यातायात बाधित रहता है। चक्की बैंक और इंदौरा  के समीप मोटली रेंप रेलवे फ़ाटक इसके जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने कहा है कि मोटली रेंप रेलवे फ़ाटक पर दोहरा रेल मार्ग होने के कारण ट्रेनों की अधिक आवजाही रहती है जिसके कारण यातायात बाधित होता है। उन्होंने मोटली रेंप रेलवे फ़ाटक पर अंडर ग्राउंड पुल बनाने का भी फिरोज़पुर मंडल से अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि लोगों को इन फाटकों के  अक्सर बन्द रहने की वज़ह से भारी असुविधा होती है। जब  रेल मंत्रालय से इस विषय में बात की जाती है तो विभिन्न प्रशासनिक अड़चनों का हवाला दे कर मामला बरसों-बरसों तक लटका रहता है।
कांगड़ा घाटी  की नैसर्गिक आभा के प्रति पर्यटकों को आकषर््िात करने पर फिरोज़पुर रेल मंडल को सांसद किशन कपूर ने सुझाव दिया कि कांगड़ा घाटी रेल मार्ग पर रेल मंत्रालय विभिन्न तीर्थाटन पैकेज बना कर यात्रियों को विशेष सुविधा प्रदान करने का प्रस्ताव मंत्रालय को अनुमोदन के लिए प्रेषित कर सकता है। उन्होंने कहा है कि कांगड़ा के विश्व ख्याति प्राप्त  शक्तिपीठों  के दर्शन के लिये देश-विदेश से तीर्थ यात्री आते हैं। इसके अतिरिक्त कई अन्य विशेष मंदिर भी पर्यटकों को अपनी ओर आकषर््िात करते हैं। उन्होंने कहा कि  महामना दलाई लामा के धर्मशाला में वास के कारण बौद्ध पर्यटकों में भी कांगड़ा घाटी के प्रति आकर्षण बढ़ा है।
सांसद किशन कपूर ने कहा कि चम्बा और कांगड़ा ज़िला में सैनिक परिवारों का बाहुल्य है। इन परिवारों के सदस्य सेना में कार्यरत अपने सगे-सम्बन्धियों से मिलने के लिये रेल-सेवाओं का उपयोग करते हैं। इन परिवारों की सुविधा के लिए चम्बा और  ज्वालामुखी में रेल  टिकट  आरक्षण काउंटर  खोलने की भी फिरोज़पुर मंडल द्वारा मंत्रालय को  संतुति की जानी चाहिए ।
पठानकोट-जोगिन्द्रनगर रेल लाइन पर चलने वाली ट्रेनों के डिब्बों को आरामदेह बनाने का  भी रेल मंत्रालय को प्रयास करना चाहिए। फिरोज़पुर रेलवे मंडल के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही पठानकोट-जोगिन्द्रनगर रेल लाइन पर शेष ट्रेनें भी शीघ्र चालू कर दी जाएंगी।


अंतरराष्ट्रीय महिला घरेलू हिंसा उन्मूलन तथा राष्ट्रीय संविधान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

नगरोटा बगवां, 26 नवंबर : राजकीय महाविद्यालय नगरोटा बगवां में आज रोवर्स एवं रेंजर तथा एनएसएस इकाई द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला घरेलू हिंसा उन्मूलन तथा राष्ट्रीय संविधान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार चौधरी ने की।चौधरी ने महिलाओं को किसी भी प्रकार की हिंसा न सहने और न ही उसका समर्थन करने की बात कही. उन्होंने कहा कि महिलाओं को किसी भी प्रकार की  हिंसा का खुलकर विरोध करना चाहिए और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए।

उन्होंने राष्ट्रीय संविधान दिवस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भारत संविधान भारत का सर्वोच्च विधान है जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर, 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी, 1950 से प्रभावी हुआ। यह दिन 26 नवम्बर भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया जबकि 26 जनवरी का दिन भारत में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत का संविधान विश्व में सबसे लम्बा लिखित संविधान है।

अधिवक्ता वंदना शर्मा ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से महिला घरेलू हिंसा उन्मूलन तथा राष्ट्रीय संविधान दिवस बारे विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने  कन्या भ्रूण हत्या, मातृत्व लाभ अधिनियम, जननी सुरक्षा योजना, घरेलू हिंसा अधिनियम के बारे में जानकारी दी। अधिवक्ता  ने महिलाओं के मौलिक अधिकार अधिनियम, भरण-पोषण अधिनियम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सैंटर, सखी स्कीम द्वारा पीड़ित महिलाओं के लिए कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं और महिलाओं की समस्याओं का हल किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई निर्धन महिला किसी जाति से सम्बन्ध रखती हो, वह सादे कागज पर आवेदन करके मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकती है। 

इस अवसर पर महिला घरेलू हिंसा उन्मूलन पर बोलते हुए अधिवक्ता इशिता शर्मा ने  कहा कि पैसे की कमी और जानकारी के अभाव में कोई न्याय से वंचित न रहे, इसे सुनिश्चित बनाया जा रहा है तथा जरूरतमंद लोगों के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क कानूनी सलाह व सहायता का प्रावधान किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से सम्बन्धित सभी कानूनों की भी विस्तृत जानकारी दी और सभी से आग्रह किया कि इन जानकारियों को समाज व अपने आस-पड़ोस में सांझा करें। 

इस दौरान प्रियंका ने राष्ट्रीय संविधान दिवस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश और समाज के बेहतर संचालन में संविधान की अहम भूमिका है। संविधान उचित ढंग से उद्देश्यों को पूरा करने के लिए बनाया जाता है यह कुछ ऐसे सिद्धांत पर आधारित होते हैं जो देश का आधार बनते हैं इसका उचित प्रयोग किसी भी राज्य या देश को संतुलित रूप से चलाने के लिए किया जाता है। उन्होंने  कहा कि संविधान दिवस हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है. 26 नवंबर 1949 के दिन ही भारत के संविधान मसौदे को अपनाया गया था. संविधान सभा ने 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में हमारे संविधान को तैयार किया था. भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 से लागू किया गया। भारत सरकार द्वारा पहली बार 2015 में संविधान दिवस मनाया गया. डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करने और समाज में संविधान के महत्व का प्रसार करने के उद्देश्य से संविधान दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर पर रोवर्स एवं रेंजर प्रभारी सुनीता कटोच एवं आशीष रंजन, एनएसएस प्रभारी रचना, कॉलेज का स्टाफ, महिला मंडल की प्रधान इंदिरा देवी तथा  महिला मंडल की सदस्यों सहित  बड़ी संख्या में कॉलेज के विद्यार्थी मौजूद थे।


एडीसी ने की राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा  

धर्मशाला, 26 नवंबर : अतिरिक्त उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल तथा उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना के लिए सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग के कार्यों के प्रति जिम्मेदार रहें तथा सम्बन्धित विभाग इस योजना के तहत अपने-अपने क्षेत्रों में तेजी से कार्यों का निर्वहन करें।  एडीसी आज शुक्रवार को डीआरडीए के सभागार में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के तहत कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जिला में एनजीटी के तहत गठित समितियों द्वारा किये गए कार्यों की समीक्षा की गई  एडीसी ने कहा कि पर्यावरण में स्वच्छता बनाए रखने के दृष्टिगत नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की और से सॉलिड वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट, बायो मेडिकल वेस्ट, ई-वेस्ट तथा कंस्ट्रक्शन आदि के प्रबंधन के लिए जो नियम बनाए गए हैं उनका सफल तरीके से क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करें।  एडीसी ने कहा कि जिला के नदी-नालों में प्रदूषण, अवैध डंपिंग और अवैध खनन को रोकने के लिए सभी संबंधित अधिकारी कदम उठाएं तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ठोस एवं तरल कचरे का सही निष्पादन सुनिश्चित किया जा सकता है।  बैठक में बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के तहत जिला में स्वास्थ्य सुविधाओं, जिला में बायो मेडिकल वेस्ट की मात्रा व उनका प्रबंधन, बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के लिए ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने आदि बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। इसके अलावा जिला में चल रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली, निर्माणाधीन प्लांट की प्रगति आदि बिंदुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि सामाजिक सहभागिता को शामिल करने के लिए जिला पर्यावरण योजना का महत्वपूर्ण महत्व है। इसे व्यक्तिगत भूमिकाओं और जिम्मेदारियों से प्रत्येक विभाग एवं अधिकारी को करना चाहिए ताकि मानव गतिविधियों के प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सके।उन्होंने आह्वान किया कि नागरिक जिले को स्वच्छ बनाने में सहयोग करें और अपने घरों में ही कूड़ा एकत्रित कर नगरपरिषद् द्वारा कूड़ा एकत्रित करने वाली गाडियों में ही कूड़ा डालें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के लिए डोर टू डोर स्तर पर ही तरल तथा ठोस कूड़ा कचरा अलग-अलग से एकत्रित करना जरूरी है ताकि संयंत्र में तरस तथा ठोस कचरा का सही तरीके से उपयोग हो सके।  बैठक में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर  पर वरिष्ठ पर्या वरण  अभियंता डॉ आर के नड्डा ने बैठक का संचालन किया तथा विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया।


गज कालापुल फीडर के तहत 27 नवम्बर कोे बिजली बंद

धर्मशाला, 26 नवम्बर: सहायक अभियंता, हिमाचल प्रदेश विद्युत उपमंडल धर्मशाला ने सूचित किया है कि 33 केवी फीडर के तहत 27 नवम्बर, 2021 को प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक सामान्य रखरखाव के चलते बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। मौसम प्रतिकूल होने पर यह कार्य अगले दिन किया जायेगा।

11 केवी दाड़ी फीडर के तहत 28 नवम्बर कोे बिजली बंद
धर्मशाला, 26 नवम्बर: सहायक अभियंता, हिमाचल प्रदेश विद्युत उपमंडल धर्मशाला ने सूचित किया है कि 11 केवी दाडी फीडर के तहत 28 नवम्बर, 2021 को प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक सामान्य रखरखाव के चलते दाड़ी, आईटीआई, लोअर व अप्पर बडोल, हब्बड, रेनबो, भटेड़, पासू, मनेड़, कनेड़, सुक्कड़ तथा साथ लगते क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। मौसम प्रतिकूल होने पर यह कार्य अगले दिन किया जायेगा।


डल झील के संरक्षण व संवर्धन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश,

विभिन्न विभागों के अधिकारियों की कार्यकारी समिति भी गठित की जाएगी
सिल्ट की समस्या से निजात दिलाने के लिए विशेषज्ञों की ली जाएगी मदद

धर्मशाला, 26 नवंबर। डल झील के संरक्षण तथा सौंदर्यीकरण के लिए कारगर कार्ययोजना तैयार की जाएगी इस के लिए कार्यकारी समिति भी गठित करने निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार को यह जानकारी उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने एनआईसी के सभागार में डल झील के सरंक्षण को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि डल झील के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए नगर निगम, वन विभाग, जल शक्ति विभाग, पर्यटन विभाग, मत्स्य विभाग,प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा प्रशासन की तरफ तहसीलदार डल झील संरक्षण तथा संवर्धन समिति में शामिल रहेंगे।
उन्होंने कहा कि डल झील में सिल्ट हटाने तथा पानी के रिसाव इत्यादि के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी इस के लिए आईआईटी रूड़की, आईआईटी मंडी में भी संपर्क किया जा रहा है ताकि विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर ही डल झील के सौंदर्यीकरण और संवर्धन का प्लान तैयार किया जा सके। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ डल झील के संरक्षण के लिए उचित कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि नगर निगम के माध्यम से अमृत योजना के तहत डल झील को विकसित करने के लिए भी पहल की जाएगी इस बाबत नगर निगम के अधिकारियों से भी प्लान तैयार करने के लिए चर्चा की गई है।
उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि डल झील एक हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है तथा श्रद्वालुओं के साथ साथ पर्यटकों के लिए भी यह आकर्षण का केंद्र है। हर वर्ष हजारों पर्यटक डल झील को देखने के लिए आते हैं। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि हर वर्ष अक्तूबर-नवंबर के आसपास डल झील में पानी कम हो जाता है इसी समस्या के समाधान के लिए विशेषज्ञों से मदद मांगी गई है ताकि वर्ष भर डल झील में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहे इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि डल झील के सौंदर्यीकरण के लिए भी उचित कदम उठाए जाएंगे। इससे पहले जल शक्ति विभाग की ओर से श्रवण कुमार ठाकुर ने डल झील के संरक्षण को लेकर एक प्रेंजेटशन भी दी। इस अवसर पर नगर निगम के आयुक्त प्रदीप ठाकुर ने भी डल झील के सरंक्षण को लेकर सुझाव दिए। बैठक में एडीएम रोहित राठौर, एसीटूडीसी डा मदन, डीएफओ संजीव शर्मा, पर्यटन अधिकारी प्रीत पाल सिंह, एसडीएम शिल्पी बेक्टा तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


कोविड के  38 नए मामले, 29 लोग हुए स्वस्थ  

 

कांगड़ा जिला में अब कोविड के एक्टिव केस 278
धर्मशाला, 26 नवम्बर  - कांगड़ा जिला में आज कोविड संक्रमण के 38 नए मामले सामने आए हैंे और 29 कोविड संक्रमित स्वस्थ भी हुए है। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कांगड़ा जिला में अब कोविड के एक्टिव केस 278 हैं। उन्होंने बताया कि सभी सक्रमित नागरिकों के उपचार के लिए उचित व्यवस्था की गई है, होम आईसोलेशन में रह रहे कोविड रोगियों को दवाइयां तथा आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
     

उन्होंने कहा कि टीकाकरण के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल की अनुपालना जरूरी है और खांसी, बुखार इत्यादि के लक्षण होने पर टेस्ट जरूर करवाएं।