हरियाणा सरकार की तर्ज पर पंजाब सरकार भी किसानों को फसल बीमा योजना का दे लाभ: सोढ़ी

किसानों की फसलों के नुक्सान को आगामी सीजन में रोकने के लिए सोढ़ी ने केन्द्रीय खेतीबाड़ी मंत्री तोमर से माहिरों की टीम मालवा क्षेत्र में भेजने की उठाई माँग।

 

कांग्रेस सरकार के घोटालों व किसानों के साथ किए गए धोखों का नतीजा है नरमे की फसल का नुक्सान: दयाल सिंह सोढ़ी

 

अमृतसर , ( राहुल सोनी ) भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश महासचिव दयाल सिंह सोढ़ी ने मालवा में किसानों की गुलाबी सुंडी से खराब हुई नरमे की फसलों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि यह सब खुद को किसान हितैषी होने का दावा करने वाली कांग्रेस सरकार के नकली बीज घोटालों, खाद घोटालों, नकली दवा घोटाले व किसानों के साथ किए गए धोखों का नतीजा है। कई किसानों ने अपनी फसल का हुआ नुक्सान देख कर उस पर हल चला दिया है। सोढ़ी ने कहा कि किसानों का बहुत माली नुक्सान हुआ है और इसकी भरपाई कौन करेगा? उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार का खज़ाना खाली है और ऐसे में किसानों का मुआवजा कौन और कैसे दिया जाएगा? दयाल सिंह सोढ़ी ने केंद्र के खेतीबाड़ी मंत्री नरेंदर सिंह तोमर से माँग की कि वो इस मामले खुद हस्तक्षेप कर केंद्र से माहिर खेतीबाड़ी माहिरों की टीम भेजें तथा इन ख़राब फसलों की जाँच कर उसका इलाज़ ढूंढें तथा आगामी सीजन में किसानों की फसलों को किसी भी तरह से बर्बाद होने से बचाया जा सके।

                दयाल सिंह सोढ़ी ने कहा कि पंजाब के खेतीबाड़ी मंत्री तथा उनका विभाग अपनी नाकामी को छिपाने के लिए कम नुकसान बता रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों का आरोप है कि इस बार उन्हें नरमे का नकली बीज सप्लाई किया गया है, जिस कारण फसल पर हमला हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ किसानों द्वारा गुलाबी सुंडी के कारण बर्बाद हुई अपनी नरमे की फसल के साथ सड़कों पर धरने दिए लगाए जा रहे हैं। किसानों ने दावा किया कि उनकी 80 से 90 फीसद फसल खराब हो गई है। किसानों ने सरकार से मुआवजे की माँग की है, लेकिन अभी तक कांग्रेस सरकार द्वारा सिवा खोखले वादों के किसानों की कोई सुनावाई नहीं की गई है।

                दयाल सिंह सोढ़ी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की फसलों की बर्बादी की भरपाई करने के लिए किसान ‘फसल बीमा योजना’ की शुरुआत की थी। पंजाब के पड़ोसी राज्य हरियाणा में यह योजना कार्यान्वित रूप ले चुकी है और वहां के कीं इसका फ़ायदा ले रहे हैं। किसान अपनी मर्जी से ‘फसल बीमा योजना’ का लाभ लेने के लिए बहुत कम शुल्क में यह बीमा ले सकते हैं। इसके लिए उन पर कोई जोर-जबरदस्ती नहीं है। लेकिन पंजाब के किसानों की बदकिस्मती है कि खुद को किसान हितैषी होने का दावा करने वाली पंजाब की कांग्रेस सरकार ने इस ‘फसल बीमा योजना’ को पंजाब में लागू ही नहीं किया। सोढ़ी ने केन्द्रीय खेतीबाड़ी मंत्री नरेंदर तोमर से भी किसानों की फसलों की भरपाई के लिए पंजाब सरकार पर दबाव बनाने की अपील की।