हिमाचल प्रदेश में 15 साल से 18 साल के किशोरों को 3 जनवरी से वैक्सीन की पहली डोज शुरू की जाएगी

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हिमाचल प्रदेश में 15 साल से 18 साल के किशोरों को 3 जनवरी से वैक्सीन की पहली डोज शुरू की जाएगी

हिमाचल प्रदेश में 15 साल से 18 साल के किशोरों को 3 जनवरी से वैक्सीन की पहली डोज शुरू की जाएगी.

हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ विभाग ने इस की पूरी तैयारी कर ली है.

करीब 2.80 वैक्सीन डोज हिमाचल प्रदेश सरकार को केंद्र से 1 जनवरी को मिल जाएंगी और ठीक इसके बाद यह महत्व पूर्ण कार्य हिमाचल प्रदेश में शुरू हो जाएगा 

हिमाचल प्रदेश में ऐसे भी स्कूली छात्र बहुत ज्यादा कोरोना संक्रमित हो रहे हैं. ऐसे में किशोरों के लिए कोरोना का टीका राहतभरी खबर है. कुछ देर पहले ही खबर सामने आई थी कि हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को नौ विद्यार्थियों समेत 73 लोगों के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. वहीं, संक्रमित बुजुर्ग की मौत हुई है. प्रदेश में मंगलवार को कोरोना की जांच के लिए 6271 लोगों के सैंपल लिए गए. बिलासपुर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भाखड़ा के नौ विद्यार्थियों और चार कर्मचारियों के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.

हिमाचल प्रदेश में कोरोना सक्रिय मामलों की संख्या 370 पहुंच गई है. वहीं, कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा 3856 पहुंच गया है. राज्य में कुल 228653 कोरोना मामले आ चुके हैं.

बुधवार को दिल्ली में 923 नए मामले सामने आए. दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग  द्वारा जारी कोविड-19 के लिए दिल्ली राज्य स्वास्थ्य बुलेटिन से पता चलता है कि इस साल 13 मार्च से 22 मार्च के बीच दैनिक मामले 419 से बढ़कर 888 हो गए थे. इस अवधि के आधार पर 23 मार्च से मौजूदा स्थिति की तुलना करे तो नए मामलों ने 1,000 का आंकड़ा पार कर लिया था.

निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने देशवासियों को सलाह के साथ नव वर्ष की बधाई दी है. उन्होंने लोगों से घबराने के बजाए सतर्क रहने के लिए कहा है.

डॉक्टर गुलेरिया ने कहा, ‘मैं इस मौके पर सभी को खुशहाल, स्वस्थ औऱ समृद्ध 2022 की बधाई देता हूं. जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, हमारे लिए यह समझना जरूरी है कि महामारी खत्म नहीं हुई है, फिर भी हम अच्छी स्थिति में है.’ उन्होंने कहा, ‘हमारे पास वे लोग बड़ी संख्या में हैं, जो टीका हासिल कर चुके हैं. इसके बाद भी हम मामलों में इजाफा देख रहे हैं. इसलिए हमारे लिए मास्क पहनना, फिजिकल डिस्टेंसिंग और भीड़ से बचने समेत कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करना जरूरी है. ताकि हम सुपर स्प्रैडर से बच सकें.’