सरकार के खिलाफ मुद्दे बताने व बहस के लिए मानसून सत्र कम : राजेंद्र राणा

विस सत्र जाने से पहले अनौपचारिक बातचीत में विधायक राजेंद्र राणा ने कसा तंज
 
कहा : अपने बड़बोलेपन व जुमलों तक ही कायम है भाजपा, विदेशी ताकतों की बजाय पूर्वोत्तर राज्यों की जंग शांत करें केंद्र सरकार
 
सुजानपुर, 31 जुलाई : प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि विदेशी ताकतों से लड़ने की डींगें हांकने वाली केंद्र सरकार से पूर्वोत्तर के 2 राज्यों की लड़ाई खत्म नहीं हो पा रही है। जिस सरकार से राज्य नहीं संभल रहे हैं, वो देश की अस्मिता कैसे बचा पाएगी। पूरे देश में इस सरकार के प्रति रोष है। लड़ाई-झगड़ों की आग में पूरा देश झुलसा हुआ है। किसान आंदोलन पर सरकार चुप है। केंद्रीय मंत्रिमंडल से कई केंद्रीय मंत्रियों की छुट्टी तो कइयों के मंत्रालय बदलने से स्पष्ट है कि सरकार के मंत्रियों की परफार्मेंस शून्य रही है। भाजपा शासित राज्यों में मुख्यमंत्री बदलो अभियान केंद्र सरकार ने चला रखा है। भाजपा के लोग ही सरकार से खुश नहीं हैं।‌ विधानसभा सत्र में जाने से पहले अनौपचारिक बातचीत में विधायक राजेंद्र राणा ने पत्रकारों के सवाल का जबाव देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने बड़बोलेपन व जुमलों तक ही सिमटी हुई है। यह प्रदेश की पहली सरकार है, जिसके राज में मुद्दों की झड़ी लग गई है। सरकार के काम की बजाय मुद्दे इतने ज्यादा मुखर हो गए हैं कि इन पर बहस भी करनी हो तो सत्र की अवधि थोड़ी पड़ जाएगी। उन्होंने हैरानी जताई कि महंगाई और बेरोजगारी पर भी सरकार बेशर्मी दिखाते हुए माफी मांगने की बजाय जनता को ही कटघरे में खड़ा कर रही है‌। उन्होंने कहा कि चुनिंदा उद्योगपतियों को अरबों के ऋण माफ कर उसकी भरपाई जनता के ऊपर विभिन्न टैक्स लगाकर पूरी की जा रही है। कोविड काल में लाखों लोग बेरोजगार हुए हैं, लेकिन उनके रोजगार की कोई नीति स्पष्ट नहीं है‌ । प्रदेश में 4700 से ज्यादा युवा करूणामूलक आधार पर नौकरी के लिए धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। भ्रष्टाचार में विश्वविद्यालयों सहित सरकारी विभाग घिरे हुए हैं। किसी भी तरह के माफिया पर सरकार कंट्रोल नहीं कर पाई है। कानून व्यवस्था जगजाहिर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा का चुनावी दृष्टिपत्र भी तत्कालीन भाजपा सी.एम. उम्मीदवार के साथ ही सरकार से लापता है। हर तबका घोर निराशा में है। उन्होंने कहा कि अब जहां-जहां उपचुनाव हैं, वहां प्रदेश सरकार लोकलुभावनी घोषणाएं कर रही है, लेकिन पूर्व में स्वीकृत कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामियों को लेकर ही विस सत्र में जनता की आवाज बुलंद की जाएगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा के भीतर व बाहर जनता के हकों की लड़ाई पहले की तरह लड़ते रहेंगे।