असम और मणिपुर में सुबह-सुबह भूकंप के झटके, कुछ मिनट के अंतराल में दो बार हिली धरती

देश के पूर्वोत्तर हिस्से में मंगलवार तड़के लगातार भूकंपीय गतिविधि दर्ज की गई। असम के नगांव और मणिपुर के तमेंगलोंग में करीब चार मिनट के अंतराल में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। इसके बाद अफगानिस्तान में भी 4.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, पहला और अपेक्षाकृत तेज झटका मंगलवार सुबह 4:23:47 बजे असम के नगांव में आया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.5 मापी गई और भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर करीब 33 किलोमीटर की गहराई पर था। NCS के रिकॉर्ड के मुताबिक इसका केंद्र नगांव क्षेत्र में, तेजपुर से लगभग 36 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था।

इस भूकंप के कुछ ही मिनट बाद मणिपुर के तमेंगलोंग में भी धरती हिली। NCS के मुताबिक सुबह 4:27:25 बजे 2.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसकी गहराई 12 किलोमीटर थी और इसका केंद्र इम्फाल से करीब 46 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था।

पूर्वोत्तर में लगातार दो भूकंपीय घटनाओं के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच कुछ समय के लिए चिंता का माहौल बना। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दोनों भूकंपों की तीव्रता मध्यम से कम रही और फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।

इसके बाद अफगानिस्तान में भी भूकंपीय गतिविधि दर्ज की गई। NCS के अनुसार सुबह 5:25:10 बजे अफगानिस्तान में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई 103 किलोमीटर दर्ज की गई। इससे पहले भी उसी क्षेत्र में 3:08 बजे 4.0 तीव्रता का एक और भूकंप दर्ज किया गया था।

पूर्वोत्तर भारत भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है और असम, मणिपुर तथा आसपास के राज्यों में समय-समय पर भूकंप के झटके दर्ज होते रहे हैं। मंगलवार की घटनाओं के बाद फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं दी गई है।

भूकंप के दौरान विशेषज्ञ सामान्य तौर पर लोगों को घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रहने, खिड़कियों और भारी वस्तुओं से दूरी बनाए रखने तथा झटके तेज होने की स्थिति में मजबूत मेज या अन्य सुरक्षित संरचना के नीचे शरण लेने की सलाह देते हैं। फिलहाल नगांव और तमेंगलोंग में आए इन झटकों को लेकर किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।