करतारपुर साहिब कॉरिडोर फिर खोलने की मांग तेज, पंजाब विधानसभा ने केंद्र से की पहल की अपील

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा खोलने और इसे लगातार चालू रखने की केंद्र सरकार से जोरदार अपील की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था और लोगों की आध्यात्मिक भावनाओं को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। सिख संगत को गुरुद्वारा दरबार साहिब में नतमस्तक होने के लिए बिना किसी बाधा के अवसर मिलना चाहिए। इस संबंध में पंजाब विधानसभा ने भी केंद्र सरकार से कॉरिडोर दोबारा खोलने और श्रद्धालुओं की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने की अपील करते हुए प्रस्ताव पारित किया।

विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को संकीर्ण राजनीतिक विचारों का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोलना जरूरी है, ताकि संगत अपनी धार्मिक इच्छाओं को पूरा कर सके और पवित्र गुरुद्वारे के दर्शन कर सके। मुख्यमंत्री के अनुसार, आस्था के मामलों में राजनीति के बजाय श्रद्धालुओं की भावनाओं और धार्मिक अधिकारों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

श्री गुरु नानक देव जी के ‘सरबत दा भला’ यानी सबके कल्याण के संदेश का उल्लेख करते हुए विधानसभा ने यह प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सदन में पेश किया था। इसमें केंद्र सरकार से कॉरिडोर को जल्द दोबारा खोलने और इसे नियमित रूप से चालू रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है।

प्रस्ताव में कहा गया कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर केवल भारत और पाकिस्तान के बीच आवाजाही का माध्यम नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर में फैली सिख संगत की धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक जुड़ाव और मानवीय संबंधों से जुड़ा महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके माध्यम से श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब, करतारपुर में माथा टेकने पहुंचते हैं, जो सिख धर्म के सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थलों में से एक है।

विधानसभा ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि कॉरिडोर को दोबारा खोलने के लिए तत्काल प्रभाव से कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही तीर्थयात्रा से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत करने की मांग भी की गई, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुचारू और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉरिडोर के माध्यम से यात्रा पर लगी पाबंदियां और आने-जाने में होने वाली बाधाएं दुनिया भर के सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करती हैं। इससे गुरु नानक देव जी में आस्था रखने वाली संगत को उस पवित्र स्थान के दर्शन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जहां गुरु साहिब ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय बिताया था।

प्रस्ताव में विशेष रूप से बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा का मुद्दा भी उठाया गया। विधानसभा ने केंद्र सरकार से अपील की कि यात्रा संबंधी औपचारिकताओं को और आसान बनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु करतारपुर साहिब के दर्शन कर सकें। आसान प्रक्रियाओं से उन लोगों को भी राहत मिल सकती है, जिन्हें उम्र या अन्य कारणों से लंबी और जटिल औपचारिकताओं का सामना करना मुश्किल लगता है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि श्री करतारपुर साहिब सिख धर्म के मूल सिद्धांतों ‘किरत करो, नाम जपो ते वंड छको’ का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि ऐसा आध्यात्मिक पुल है, जो सिख संगत को उस पवित्र धरती से जोड़ता है, जहां गुरु साहिब ने अपने चरण रखे थे।

पंजाब विधानसभा की इस अपील के जरिए राज्य सरकार ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर खोलने के मुद्दे पर केंद्र सरकार से सक्रिय कूटनीतिक पहल करने की मांग उठाई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और संगत को बिना अनावश्यक बाधाओं के अपने पवित्र धार्मिक स्थल के दर्शन करने का अवसर मिलना चाहिए।