
तीसा में एंटी-चिट्टा वॉकाथॉन को दिखाई हरी झंडी, युवाओं से नशे के विरुद्ध अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान
शिमला, 5 नवंबर। हिमाचल प्रदेश में चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई के साथ जन-जागरूकता अभियान को भी तेज करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है और नशा तस्करी से जुड़े व्यक्तियों की संपत्तियां जब्त करने सहित उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने वीरवार को चंबा जिले के तीसा स्थित पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला से एंटी-चिट्टा वॉकाथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और समाज को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। विद्यार्थियों की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि युवा पीढ़ी भी नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए आगे आ रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा और दूसरे मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को केवल पुलिस या सरकार तक सीमित नहीं रखा जा सकता। यह पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है और इसके लिए अभिभावकों, शिक्षकों, युवाओं तथा सामाजिक संगठनों सहित हर वर्ग को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में एंटी-चिट्टा रैलियों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराया जा रहा है। इन अभियानों का उद्देश्य केवल नशे के खिलाफ संदेश देना नहीं, बल्कि युवाओं को इस बुराई से दूर रहने और अपने परिवारों तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित करना है।
सुक्खू ने युवाओं को इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि नशे के विरुद्ध सामाजिक चेतना विकसित करने में उनकी भूमिका निर्णायक हो सकती है। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि उन्हें अपने आसपास नशा तस्करी या मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़ी कोई गतिविधि दिखाई दे, तो वे पुलिस को इसकी सूचना देने से पीछे न हटें।
मुख्यमंत्री ने इसके लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर जानकारी देने का आग्रह किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी भय या दबाव के नशा तस्करों के खिलाफ प्रशासन की मदद कर सकें।
तीसा में आयोजित वॉकाथॉन को सरकार के व्यापक नशा-विरोधी अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें कानून प्रवर्तन के साथ-साथ युवाओं की भागीदारी और सामुदायिक जागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कार्रवाई और जनसहयोग, दोनों को साथ लेकर चलना आवश्यक है।
कार्यक्रम में विधायक नीरज नैय्यर, प्रदेश हज कमेटी के अध्यक्ष दिलदार अली भट्ट, कांग्रेस महासचिव यशवंत खन्ना तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।






