चिराग तले अंधेरा: शिमला ग्रामीण में पीडब्ल्यूडी मंत्री के क्षेत्र की सड़कें बदहाल, जनता एक माह से परेशान — प्यार सिंह कंवर

शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-संयोजक प्यार सिंह कंवर ने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में सुन्नी-लुहरी सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग मंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस विधानसभा क्षेत्र से स्वयं लोक निर्माण मंत्री विधायक हैं, वहीं की प्रमुख सड़कें पिछले एक महीने से पूरी तरह जर्जर पड़ी हैं और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्यार सिंह कंवर ने कहा कि शिमला के समीप स्थित सुन्नी-लुहरी मार्ग पर सड़क कई स्थानों पर धंस चुकी है, जिससे आवागमन लगभग ठप हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि वाहन एक-दूसरे को क्रॉस तक नहीं कर पा रहे हैं, जबकि पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। उन्होंने बताया कि सड़क की खस्ता हालत के कारण स्थानीय लोगों को रोज़ाना दुर्घटनाओं के खतरे से जूझना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि करीब एक माह पहले विभाग और सरकार की ओर से यह आश्वासन दिया गया था कि सड़क को चार-पांच दिनों के भीतर बहाल कर दिया जाएगा, लेकिन एक महीना बीत जाने के बावजूद ज़मीन पर कोई ठोस कार्य होता दिखाई नहीं दे रहा है। यह स्थिति सरकार की कार्यप्रणाली और उसकी कथनी-करनी के अंतर को उजागर करती है।

भाजपा नेता ने तंज कसते हुए कहा कि यह मामला “चिराग तले अंधेरा” की कहावत को पूरी तरह चरितार्थ करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो मंत्री अपने ही विधानसभा क्षेत्र की बुनियादी सड़क व्यवस्था को दुरुस्त नहीं करवा पा रहे हैं, उन्हें प्रदेश के विकास पर बड़े-बड़े दावे करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

प्यार सिंह कंवर ने कांग्रेस सरकार पर केवल घोषणाओं, जश्न और भाषणों तक सीमित रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि ज़मीनी हकीकत इसके ठीक विपरीत है। शिमला ग्रामीण के लोग यह पूछने को मजबूर हैं कि जब मंत्री अपने क्षेत्र में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा तक बहाल नहीं करवा पा रहे हैं, तो पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी कैसे निभा पाएंगे।

उन्होंने मांग की कि सुन्नी-लुहरी सड़क को तत्काल युद्धस्तर पर दुरुस्त किया जाए, वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और जनता को शीघ्र राहत दी जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस गंभीर समस्या की अनदेखी जारी रखी, तो भाजपा इस जनविरोधी लापरवाही के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।