
किन्नौर के मूरंग गांव से संबंध रखने वाली 2017 बैच की IAS अधिकारी को हिमाचल सरकार ने सौंपी नई जिम्मेदारी; दुर्गम क्षेत्रों में जनसेवाओं और विकास कार्यों पर रहेगा विशेष फोकस
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने IAS अधिकारी निवेदिता नेगी को लाहौल-स्पीति जिले का नया उपायुक्त नियुक्त किया है। 24 अक्टूबर 2026 को जारी प्रशासनिक आदेश के अनुसार, उन्हें हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की सचिव के पद से स्थानांतरित कर इस जनजातीय जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति के साथ अब जिले में प्रशासनिक कामकाज, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और आम जनता तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने की जिम्मेदारी उनके पास होगी।
निवेदिता नेगी हिमाचल प्रदेश कैडर की 2017 बैच की IAS अधिकारी हैं। मूल रूप से किन्नौर जिले के मूरंग गांव से संबंध रखने वाली निवेदिता ने अपनी शैक्षणिक योग्यता और प्रशासनिक अनुभव के आधार पर राज्य में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने शिमला के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मेरी से स्कूली शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बीई और दिल्ली विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री हासिल की। वर्ष 2016 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 650 प्राप्त की थी।
प्रशासनिक सेवा में आने के बाद निवेदिता नेगी ने प्रदेश के विभिन्न विभागों और कार्यालयों में काम किया। वह मंडी में अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) के पद पर भी सेवाएं दे चुकी हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े दायित्व निभाने के बाद उन्हें हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग में सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब सरकार ने उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें लाहौल-स्पीति का उपायुक्त नियुक्त किया है।
लाहौल-स्पीति हिमाचल प्रदेश के सबसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र, दुर्गम गांव और सर्दियों में भारी बर्फबारी प्रशासन के लिए विशेष चुनौतियां पैदा करते हैं। कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित होने से लोगों तक आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने, स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और बिजली-पानी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष तैयारी करनी पड़ती है।
ऐसे में नए उपायुक्त के सामने जिले की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा। सर्दियों से पहले आवश्यक तैयारियां, आपदा प्रबंधन, दूरदराज के क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना, स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान और विकास कार्यों की निगरानी उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेंगे।
निवेदिता नेगी का किन्नौर से संबंध भी उनकी नई जिम्मेदारी के संदर्भ में उल्लेखनीय है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति, दोनों हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले हैं और यहां की भौगोलिक परिस्थितियां प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित करती हैं। हालांकि, जिले की विशिष्ट जरूरतों के अनुरूप प्रभावी नीतियां लागू करने के लिए स्थानीय परिस्थितियों, विभागीय समन्वय और उपलब्ध संसाधनों की अहम भूमिका रहेगी।
निवेदिता नेगी की नियुक्ति के बाद अब लाहौल-स्पीति में उनके नेतृत्व में जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी। दुर्गम क्षेत्रों में जनसुविधाओं को सुचारू बनाए रखना, लोगों की शिकायतों का समयबद्ध निपटारा करना और सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना उनके कार्यकाल की महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं होंगी।






