Postgraduate Institute of Medical Education and Research (पीजीआई) चंडीगढ़ में 1 मार्च 2026 से हृदय रोगियों के लिए समर्पित कार्डियक इमरजेंसी सेवा शुरू की जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत दिल से जुड़ी आपात स्थिति वाले मरीजों को सामान्य इमरजेंसी की भीड़ से अलग सीधे विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार मिल सकेगा, जिससे उपचार में होने वाली देरी को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
संस्थान में एडवांस्ड कार्डियक सेंटर की स्थापना वर्ष 2009 में की गई थी, लेकिन लंबे समय से अलग कार्डियक इमरजेंसी यूनिट की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। पीजीआई के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने बताया कि संस्थान में प्रतिदिन पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। सामान्य इमरजेंसी में ट्रॉमा, सर्जरी और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों के बीच हृदय संबंधी आपात मामलों को संभालना चुनौतीपूर्ण हो रहा था। उन्होंने कहा कि हृदय रोग के मामलों में हर मिनट कीमती होता है, इसलिए अलग और विशेष व्यवस्था अनिवार्य थी।
नई कार्डियक इमरजेंसी सुविधा को कार्डियोलॉजी, इमरजेंसी मेडिसिन, एनेस्थीसिया, अस्पताल प्रशासन और नर्सिंग सेवाओं के समन्वित प्रयास से विकसित किया गया है। इस समर्पित यूनिट के शुरू होने से मरीजों को तेजी से जांच, निदान और उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। साथ ही मुख्य इमरजेंसी विभाग पर दबाव भी कम होगा, जिससे अन्य गंभीर मरीजों की देखभाल अधिक सुव्यवस्थित ढंग से हो सकेगी।
संस्थान प्रशासन का मानना है कि यह पहल हृदय रोगियों को समय पर, केंद्रित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और क्षेत्र के लाखों मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।





