हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा को टीबी मुक्त करने के लिए प्रदेश के सभी लोगों को मिलकर काम करना है।
उन्होंने यह बात आज विश्व टीबी दिवस के अवसर पर “टीबी मुक्त भारत अभियान- 100 दिवसीय अभियान” के राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम में ऑनलाइन हिस्सा लेने के बाद यहां कही।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा में टीबी मुक्त अभियान की यह राज्यव्यापी पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न के अनुरूप है, जिसके तहत भारत से टीबी (तपेदिक) को वैश्विक लक्ष्य से पहले ही समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान की थीम है: “हां! हम टीबी खत्म कर सकते हैं – भारत के नेतृत्व में, जनभागीदारी की शक्ति से।”
मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा अपनी रणनीति को केवल लक्षणों पर आधारित दृष्टिकोण से हटाकर एक सक्रिय और प्रो-एक्टिव स्क्रीनिंग मॉडल की ओर ले जा रहा है। इसका उद्देश्य हर मामले की पहचान करना और उसका इलाज करना है-उन संवेदनशील आबादी में भी, जहां लोगों में टीबी के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते।
उन्होंने बताया कि पहली बार, राज्य के दूरदराज और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में त्वरित स्क्रीनिंग के लिए AI-सक्षम (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त) हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। हाई रिस्क गांवों और शहरी वार्डों में स्क्रीनिंग को और अधिक तेज़ किया जाएगा। मोबाइल मेडिकल यूनिट और विशेष ‘निक्षय वाहन’ घर-घर जाकर जांच और निदान संबंधी सेवाएं प्रदान करेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ‘आयुष्मान आरोग्य शिविरों’ के तहत प्रदेश के लोगों को टीबी की स्क्रीनिंग के साथ-साथ बीपी, बीएमआई, ब्लड शुगर और हीमोग्लोबिन की जांच की एकीकृत सुविधा मिलेगी, ताकि उन्हें समग्र स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित हो सके। उन्होंने ‘निक्षय मित्रों’, स्वयं सहायता समूहों और “माई भारत” के स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे टीबी के मरीज़ों को पोषण संबंधी और मनो-सामाजिक सहायता प्रदान करें।
उन्होंने यह भी बताया कि ज़िला और ब्लॉक स्तर पर चुने हुए प्रतिनिधि (सांसद, विधायक और पीआरआई सदस्य) जागरूकता अभियानों का नेतृत्व करेंगे, ताकि इस बीमारी से जुड़े सामाजिक कलंक को कम किया जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 100 दिनों के इस सघन चरण में “पूरी सरकार” वाला दृष्टिकोण अपनाया जाएगा, जिसमें कई विभाग मिलकर काम करेंगे ताकि प्रभावी ढंग से योजना लागू हो सके और संसाधनों को जुटाया जा सके। राज्य के स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे ब्लॉक स्तर पर छोटी-छोटी योजनाएं बनाएं, ताकि काम की प्रगति पर रोज़ाना नज़र रखी जा सके।
इसके अलावा, विश्व टीबी दिवस के मौके पर हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री ने आज खुद आगे बढ़कर निक्षय़ मित्र पहल का समर्थन किया और टीबी के 30 मरीजों को गोद लिया।





