हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए राज्य के विभिन्न वर्गों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। यह बजट कर्मचारियों, किसानों, महिलाओं, आउटसोर्स कर्मियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को केंद्र में रखकर तैयार किया गया नजर आया, जिसमें राहत और कल्याणकारी योजनाओं का संतुलन दिखा।
मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में संकेत दिया कि सरकार का फोकस ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के तहत आम आदमी को सीधी राहत देने पर है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) के एरियर को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। इसके साथ ही विभिन्न श्रेणियों में मानदेय बढ़ाने का भी ऐलान किया गया, जिससे आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य संविदा कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ऊर्जा क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा संकेत देते हुए मुफ्त बिजली की सीमा बढ़ाने की बात कही है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को दोहरी राहत मिलने की संभावना है, खासकर उन परिवारों को जो पहले से ही आर्थिक दबाव में हैं।
किसानों और बागवानों के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। कृषि और बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नई योजनाओं की घोषणा की गई है, जिससे उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि इन क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केटिंग सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए मनरेगा के तहत दिहाड़ी बढ़ाने का ऐलान भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार और आय के अवसर बढ़ेंगे।
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भी बजट में उम्मीद की किरण दिखाई दी है। सरकार ने उनके हितों को ध्यान में रखते हुए कुछ नई पहल करने के संकेत दिए हैं, जिससे लंबे समय से अस्थिरता झेल रहे इस वर्ग को राहत मिल सकती है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने नई योजनाओं की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर, यह बजट एक व्यापक सामाजिक-आर्थिक संतुलन बनाने का प्रयास दिखता है, जिसमें कर्मचारियों, किसानों, महिलाओं और गरीब वर्गों को केंद्र में रखकर नीतियां बनाई गई हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन घोषणाओं को जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है।






