स्व-गणना का अंतिम दिन: हर नागरिक से जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील

डॉ. ललित जैन की अपील: स्व-गणना का अंतिम दिन, हर नागरिक से सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह

हरियाणा में जनगणना प्रक्रिया के अंतर्गत स्व-गणना अभियान अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। गृह मंत्रालय के अधीन जनगणना निदेशालय हरियाणा के निदेशक डॉ. ललित जैन ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और आज ही अपनी स्व-गणना पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास में नागरिकों की सीधी भागीदारी का माध्यम है।

डॉ. जैन ने जानकारी दी कि राज्य में अब तक 2.45 लाख से अधिक परिवार स्व-गणना पूरी कर चुके हैं, जो अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह आंकड़ा न केवल जनभागीदारी की बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि डिजिटल माध्यमों के प्रति लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। विशेष रूप से युवाओं में इस अभियान को लेकर उत्साह और सहभागिता अधिक देखने को मिली है, जिसने इस पहल को गति देने में अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने बताया कि स्व-गणना की प्रक्रिया अत्यंत सरल और सहज है, जिसे कोई भी नागरिक कुछ ही मिनटों में पूरा कर सकता है। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद नागरिकों को एक पहचान संख्या प्राप्त होती है, जिसे संबंधित गणनाकार के साथ साझा करना आवश्यक होता है। इससे आगे की जनगणना प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनती है।

डॉ. जैन ने यह भी स्पष्ट किया कि एक मई से राज्यभर में मकान सूचीकरण और वास्तविक जनगणना कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। इस चरण में गणनाकार और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इन अधिकारियों को पूरा सहयोग दें और सही तथा अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जनगणना के आंकड़े सटीक और विश्वसनीय बन सकें।

गोपनीयता को लेकर उठने वाली चिंताओं पर उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी और इसे किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी प्रावधानों के तहत संचालित होती है, जिसमें डेटा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।

उन्होंने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय दायित्व है, जिसके माध्यम से सरकार नीतियों का निर्माण करती है और संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करती है। सही आंकड़े ही विकास योजनाओं की नींव होते हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक का योगदान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि जनगणना अधिकारियों को जानकारी देने से इनकार करना या सहयोग न करना कानून के तहत दंडनीय अपराध है।

डॉ. जैन ने जिला प्रशासन और जनगणना से जुड़े अधिकारियों की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के सभी जिलों में इस कार्य के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। गणनाकार और पर्यवेक्षक इस पूरी प्रक्रिया के मुख्य स्तंभ हैं, जिनसे पूर्ण समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि विभाग हर स्तर पर उनके साथ खड़ा है और किसी भी समस्या के समाधान के लिए तत्पर है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यदि किसी नागरिक, गणनाकार या पर्यवेक्षक को किसी प्रकार की कठिनाई आती है, तो वे अपने संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा एक सहायता संख्या भी उपलब्ध कराई गई है, जिस पर संपर्क कर समस्याओं का समाधान प्राप्त किया जा सकता है।

अंत में, डॉ. ललित जैन ने राज्यवासियों से पुनः आग्रह किया कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और यह सुनिश्चित करें कि उनकी जनगणना समय पर और सही तरीके से दर्ज हो, ताकि हरियाणा और देश के विकास की दिशा और अधिक सशक्त बन सके।