कुल्लू । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर विकास कार्यों में देरी, प्रशासनिक कुप्रबंधन और केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही के आरोप लगाए। कुल्लू जिले के पतलीकूहल स्थित मेला मैदान में आयोजित जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से सवाल किया कि केंद्र सरकार की ओर से विकास परियोजनाओं के लिए उपलब्ध करवाई गई धनराशि का समय पर उपयोग क्यों नहीं हो रहा है।

नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार का लगभग चार वर्ष का कार्यकाल कुशासन, कुप्रबंधन, गलत नीतियों और अव्यवस्था से प्रभावित रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार केंद्र सरकार पर हिमाचल की अनदेखी करने का आरोप लगाते हैं, जबकि केंद्र ने सड़क, रेल, स्वास्थ्य, ऊर्जा, उद्योग और जनकल्याण से जुड़ी अनेक परियोजनाओं के लिए सहायता उपलब्ध करवाई है। उनके अनुसार, राज्य सरकार को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय लंबित परियोजनाओं को पूरा करने और स्वीकृत धनराशि के प्रभावी इस्तेमाल पर ध्यान देना चाहिए।
स्वास्थ्य परियोजनाओं में देरी पर मांगा जवाब
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए स्वीकृत लगभग 360 करोड़ रुपये का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। नड्डा के अनुसार, प्रदेश में 15 क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जाने थे, लेकिन अब तक केवल एक का निर्माण पूरा हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि 12 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में से भी केवल एक का काम पूरा हुआ है, जबकि 73 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट में से कोई भी संचालित नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए धनराशि और समयसीमा उपलब्ध होने के बावजूद परियोजनाओं की धीमी प्रगति चिंता का विषय है।
नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, क्रिटिकल केयर केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य इकाइयों को समय पर तैयार कर जनता के लिए शुरू किया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार से इन परियोजनाओं की प्रगति स्पष्ट करने की मांग की।
ऊना बल्क ड्रग पार्क के खर्च पर भी सवाल
नड्डा ने ऊना में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने परियोजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये की सहायता का प्रावधान किया है और 225 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार इस राशि में से अब तक लगभग 12 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाई है। उनके अनुसार, पर्यावरणीय मंजूरियों और अन्य प्रक्रियाओं में देरी के कारण परियोजना अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क जैसी परियोजनाएं हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती हैं। ऐसे में राज्य सरकार को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर काम में तेजी लानी चाहिए। उन्होंने मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए प्रस्तावित 100 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का भी उल्लेख करते हुए राज्य सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए।
15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग पर आपत्ति
नड्डा ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल प्रदेश को उपलब्ध करवाए गए 521 करोड़ रुपये का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार इस राशि का लगभग 52 प्रतिशत ही इस्तेमाल कर पाई है।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद उनका पूरा उपयोग नहीं होना प्रशासनिक अक्षमता की ओर संकेत करता है। नड्डा ने मुख्यमंत्री से यह स्पष्ट करने को कहा कि कितनी धनराशि खर्च हुई, कितने कार्य पूरे हुए और कितनी परियोजनाएं अब भी लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय से ही विकास योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंच सकता है।
स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत का दावा
अपने संबोधन में नड्डा ने हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की सफलता का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने इन नतीजों को पार्टी के संगठनात्मक आधार और जनता के समर्थन का संकेत बताया।
नड्डा के अनुसार, धर्मशाला नगर निगम में 17 में से 11 और मंडी में 14 में से 12 सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे। उन्होंने राज्य के 63 वार्डों में 37 पर जीत का दावा भी किया।
जिला परिषद चुनावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 251 में से 190 सीटों पर भाजपा समर्थित प्रतिनिधियों की सफलता कार्यकर्ताओं के लिए उत्साहजनक है। उन्होंने कुल्लू, लाहौल-स्पीति और मनाली क्षेत्र में पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के प्रदर्शन की भी सराहना की।
नड्डा ने कहा कि चुनावी सफलता के साथ कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। उन्होंने उनसे जनता के बीच सक्रिय रहने, स्थानीय समस्याओं को उठाने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने 2027 के राजनीतिक लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करने का संदेश दिया।
सड़क और रेल परियोजनाओं पर केंद्र के प्रयास गिनाए
नड्डा ने हिमाचल प्रदेश में सड़क संपर्क और रेलवे विस्तार के लिए केंद्र सरकार की ओर से किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कुल्लू-मनाली सड़क संपर्क, फोरलेन परियोजनाओं और राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास को पर्यटन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने दावा किया कि कुल्लू से मनाली के बीच सड़क की मरम्मत और सुधार के लिए लगभग 468 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं। उनके अनुसार, बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटकों, कारोबारियों और स्थानीय निवासियों को लाभ मिलेगा।
भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल परियोजना का जिक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार इसे आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दिसंबर 2027 तक बिलासपुर को रेल संपर्क से जोड़ने के लक्ष्य का उल्लेख किया और आरोप लगाया कि बिलासपुर से बैरी तक भूमि अधिग्रहण तथा मुआवजे से संबंधित प्रक्रियाओं में राज्य सरकार की ओर से अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार के लिए केंद्र संसाधन उपलब्ध करवा रहा है, लेकिन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए राज्य सरकार को भी अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी।
एम्स बिलासपुर और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का उल्लेख
केंद्रीय मंत्री ने बिलासपुर स्थित एम्स को हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इसके निर्माण पर 1,400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। उन्होंने चमियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का भी उल्लेख किया।
नड्डा ने जायका समर्थित स्वास्थ्य परियोजना के तहत लगभग 1,422 करोड़ रुपये की व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें केंद्र की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत और राज्य की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से सहायता दी है। अब राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि इन संस्थानों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से संचालित कर लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाए।
किशाऊ बांध और औद्योगिक विकास पर जोर
नड्डा ने लगभग 15,624 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार संबंधित राज्यों के बीच समन्वय स्थापित कर इस परियोजना को आगे बढ़ाने के प्रयास कर रही है।
उन्होंने 15 सितंबर 2026 को संबंधित राज्यों के बीच समझौते की दिशा में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए इसे सहकारी संघवाद का उदाहरण बताया। उनके अनुसार, जलविद्युत, सिंचाई और आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं हिमाचल प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
मोदी सरकार की योजनाओं को बताया जनकल्याण का आधार
नड्डा ने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से गरीबों, किसानों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिला है।
उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत देश में लगभग 11 करोड़ गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाने और आयुष्मान भारत के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवर दिए जाने का उल्लेख किया।
नड्डा ने हिमाचल प्रदेश की हिमकेयर योजना का भी जिक्र किया और कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के प्रयास किए गए थे। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में सीधे सहायता पहुंचाने और किसानों को रियायती दरों पर यूरिया उपलब्ध करवाने के लिए केंद्र सरकार की सब्सिडी का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना और जनकल्याणकारी सुविधाओं को उन तक पहुंचाना है।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के शासन का उल्लेख
नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में शासन के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी शासकीय यात्रा 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई थी और 7 अक्टूबर 2026 को इसने 25 वर्ष पूरे किए।
उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक कार्यशैली के प्रमुख आधार रहे हैं। नड्डा ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए आर्थिक विकास, आधारभूत ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं को केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
सुक्खू सरकार से विकास कार्यों का हिसाब मांगा
अपने संबोधन के समापन पर नड्डा ने कांग्रेस सरकार पर केंद्र से मिली सहायता के बावजूद विकास कार्यों को समय पर पूरा नहीं करने का आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को जनता के सामने परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति, खर्च की गई धनराशि और लंबित कार्यों का विवरण रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक आरोपों के बजाय सरकार का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि विकास योजनाएं कितनी तेजी से पूरी हुईं और उनका लाभ आम लोगों तक कितना पहुंचा।
नड्डा ने भाजपा कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने, जनता की समस्याओं को उठाने और जनसेवा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, विधायक सुरेंद्र शौरी और लोकेंद्र कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष अमित सूद, नरोत्तम ठाकुर, प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा, पायल वैद्य, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंता शर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष ठाकुर दास, जोगेंद्र मेहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नोट: स्वास्थ्य परियोजनाओं, केंद्रीय सहायता के उपयोग और स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़े आंकड़े नड्डा के संबोधन में किए गए दावों पर आधारित हैं। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।





