हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम भले ही शुष्क बना हुआ है, लेकिन पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में ठंड का असर लगातार गहराता जा रहा है। लाहौल–स्पीति में मौसम के अचानक करवट बदलने से कई इलाकों में तेज़ हवाएं चलीं, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई। ताबो में 43 किलोमीटर प्रति घंटा, रिकांगपिओ में 41 किलोमीटर प्रति घंटा और कुफरी में 37 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज़ हवाएं दर्ज की गईं। हालांकि शुक्रवार को प्रदेश के किसी भी हिस्से में कोहरे की स्थिति नहीं देखी गई, लेकिन धूप निकलने के बावजूद शीतलहर ने लोगों को राहत नहीं दी।

प्रदेश के निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में शीतलहर का प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस किया गया। बिलासपुर के बरठीं क्षेत्र में भीषण शीतलहर दर्ज की गई, जबकि हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी और ऊना जिलों में ठंड का प्रकोप लगातार बना हुआ है। राजधानी शिमला में बीते दिनों की तुलना में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन ठंड अभी भी बरकरार है। ऊना और रिकांगपिओ में न्यूनतम तापमान समान रूप से 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान ताबो रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 5.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विभाग के अनुसार 19 से 21 जनवरी के बीच मध्य और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है। वहीं 20 जनवरी को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 17 जनवरी को लाहौल–स्पीति के साथ-साथ कांगड़ा, किन्नौर, चंबा और कुल्लू जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और मंडी जिलों में शीतलहर का असर और तेज़ हो सकता है। हालांकि मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में 22 जनवरी तक मौसम साफ रहने की संभावना है और फिलहाल कोहरे को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
इसी बीच प्रदेश में मौसम का मिज़ाज एक बार फिर बिगड़ता नजर आया है। शनिवार को कई ऊंचाई वाले इलाकों में बहुत हल्की बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि अन्य क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहे और धूप खिली रही। स्पीति घाटी के हंसा क्षेत्र में लगभग 2.5 सेंटीमीटर हिमपात हुआ, जबकि गोंदला, केलांग और कुकुमसेरी में हल्के बर्फ के फाहे गिरते देखे गए। लाहौल–स्पीति के शिंकुला पास, बारालाचा दर्रा और रोहतांग दर्रा पर भी बर्फबारी हुई, जिससे कुल्लू–मनाली और लाहौल–स्पीति में ठंड का असर और बढ़ गया है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान ताबो में माइनस 2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे अधिक अधिकतम तापमान सोलन में 26.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। राजधानी शिमला और रिकांगपिओ में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस रहा। देहरा गोपीपुर और नेरी में न्यूनतम पारा 10.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। वहीं कल्पा, धर्मशाला, बिलासपुर, कुकुमसेरी और ताबो सहित प्रदेश के पांच शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जबकि अन्य क्षेत्रों में रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
कुल मिलाकर हिमाचल प्रदेश में मौसम की अनिश्चितता बनी हुई है। पहाड़ों में हल्की बर्फबारी और तेज़ हवाओं ने ठंड को और तीखा बना दिया है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है। आने वाले दिनों में मौसम में हल्की सक्रियता के संकेत हैं, जिससे ठंड का असर अभी कुछ समय तक बना रह सकता है।




