हिमाचल कैडर के छह आईपीएस अधिकारियों को डीआईजी पद पर पदोन्नति, राज्यपाल की मंजूरी से अधिसूचना जारी

शिमला:
हिमाचल प्रदेश कैडर के वर्ष 2012 बैच के छह भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों को पदोन्नत कर उप महानिरीक्षक पुलिस (डीआईजी) के पद पर नियुक्त किया गया है। यह पदोन्नति स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिशों के आधार पर की गई है, जिसे राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश ने स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से 23 जनवरी 2026 को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।

जारी अधिसूचना के अनुसार, इन अधिकारियों को पे मैट्रिक्स के लेवल-13ए के अंतर्गत डीआईजी के पद पर पदोन्नत किया गया है, जिसमें वेतनमान 1,31,100 रुपये से 2,16,600 रुपये निर्धारित है। यह पदोन्नति 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।

पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में आईपीएस अधिकारी शालिनी अग्निहोत्री शामिल हैं, जिन्हें प्रॉफार्मा आधार पर डीआईजी पद पर पदोन्नत किया गया है। वह वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। इसके अलावा, शिमला में साइबर क्राइम के पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात रोहित मलपानी को नियमित आधार पर डीआईजी पद पर पदोन्नति दी गई है।

सूची में तीसरा नाम डॉ. खुशाल चंद शर्मा का है, जो वर्तमान में जिला कांगड़ा के सकोह में द्वितीय भारतीय रिजर्व बटालियन के कमांडेंट के पद पर तैनात हैं। उन्हें भी नियमित आधार पर डीआईजी बनाया गया है। इसके साथ ही, जिला शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी को भी डीआईजी के पद पर पदोन्नति मिली है।

इसके अतिरिक्त, पुलिस मुख्यालय शिमला में लीव रिजर्व के पुलिस अधीक्षक डॉ. रमेश चंदर छाजटा को भी नियमित आधार पर डीआईजी पद पर पदोन्नत किया गया है। वहीं, जिला हमीरपुर के जंगलबेरी स्थित चतुर्थ भारतीय रिजर्व बटालियन के कमांडेंट डॉ. देवाकर शर्मा को भी इस सूची में शामिल किया गया है और उन्हें भी डीआईजी के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है।

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश अंतिम और प्रभावी है तथा संबंधित अधिकारियों की पदोन्नति निर्धारित तिथि से लागू मानी जाएगी। आदेश राज्य सरकार की ओर से मुख्य सचिव संजय गुप्ता, आईएएस द्वारा जारी किया गया है।

राज्य सरकार के इस फैसले को हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रशासनिक ढांचे को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पदोन्नत अधिकारियों के अनुभव और कार्यकुशलता से कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।