शाहपुर (कांगड़ा) — शाहपुर क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और सामाजिक जीवन में गहरी पहचान रखने वाले आदरणीय देवदत्त शर्मा (डी. डी. शर्मा), निवासी ड्रमन, का शनिवार दोपहर अचानक हृदयगति रुकने से निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। हिमाचल प्रदेश के शाहपुर के लोगों ने सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र का एक मजबूत स्तंभ खो दिया है, ऐसी भावना हर वर्ग में साफ दिखाई दे रही है।
परिजनों के अनुसार, दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके। उनका निधन न केवल एक व्यक्ति का जाना है, बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक का अवसान है, जिसने जीवनभर समाजसेवा, संगठनात्मक कार्य और जनहित को प्राथमिकता दी। उनकी अंत्येष्टि कल प्रातः 10 बजे उनके पैतृक निवास ड्रमन में की जाएगी, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के शामिल होने की संभावना है।
देवदत्त शर्मा का जीवन जनसेवा, सामाजिक समरसता और क्षेत्रीय विकास के प्रयासों को समर्पित रहा। वे एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे जो सत्ता से अधिक सेवा में विश्वास रखते थे। पंचायत स्तर से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक उन्होंने संवाद, सहयोग और समाधान की राजनीति को आगे बढ़ाया। युवाओं के मार्गदर्शन, सामाजिक संस्थाओं के सहयोग और संगठनात्मक मजबूती में उनकी भूमिका को क्षेत्र हमेशा स्मरण रखेगा।
उनके निधन पर शोक संदेशों का सिलसिला जारी है। शाहपुर से भाजपा नेता और पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि देवदत्त शर्मा का जाना केवल किसी एक विचारधारा की क्षति नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक जीवन के लिए एक अपूरणीय नुकसान है। उन्होंने कहा कि देवदत्त शर्मा जैसे व्यक्तित्व दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर समाज को जोड़ने का काम करते थे और उनका योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने उन्हें एक सरल, सौम्य, मिलनसार और जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के रूप में याद किया। उनके आवास पर शोक संवेदना प्रकट करने वालों का तांता लगा हुआ है। ग्रामीण समाज से लेकर शहरी वर्ग तक हर कोई उन्हें एक ऐसे मार्गदर्शक के रूप में स्मरण कर रहा है, जिन्होंने हमेशा संवाद, संवेदनशीलता और समाजहित को प्राथमिकता दी।
देवदत्त शर्मा का निधन शाहपुर के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में एक गहरा शून्य छोड़ गया है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं मानी जा रही। आज शाहपुर एक समाजसेवी, मार्गदर्शक और जनहितैषी व्यक्तित्व को अंतिम विदाई दे रहा है।





