आनी- स्थानीय जनहित की मांगों को लेकर आनी में चल रहा आंदोलन अब अनशन के चरण में पहुंच गया है। जनहित संघर्ष मोर्चा के पदम प्रभाकर पिछले तीन दिनों से बिना अन्न ग्रहण किए अनशन पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि आनी क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर है।
आंदोलन से जुड़े लोगों ने बताया कि क्षेत्र की सब्जी मंडी का निर्माण लंबे समय से लंबित है। वहीं सिविल अस्पताल आनी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, नई एक्स-रे मशीन की आवश्यकता और शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती जैसी स्वास्थ्य संबंधी मांगें भी प्रमुखता से उठाई जा रही हैं।
इसके अलावा एचआरटीसी आनी सब-डिपो की खस्ताहाल बसों . दूध की समय पर अदायगी न होने तथा एनएच-305 के डबल लेन निर्माण कार्य के लंबित होने जैसे मुद्दों को भी आंदोलन में शामिल किया गया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि ये समस्याएं क्षेत्र के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, स्वास्थ्य, रोजगार और भविष्य से सीधे जुड़ी हुई हैं।
जनहित संघर्ष मोर्चा से जुड़े लोगों ने कहा कि लंबे समय से मांगें उठाए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई न होने के कारण उन्हें अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा। अनशन के तीसरे दिन पदम प्रभाकर का स्वास्थ्य कमजोर होने की बात कही जा रही है, जबकि आंदोलनकारियों का कहना है कि जनहित की मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
आंदोलनकारियों ने आनी क्षेत्र के युवाओं, महिलाओं. विद्यार्थियों. व्यापारियों . बुद्धिजीवियों . युवक मंडलों और महिला मंडलों सहित आम जनता से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आंदोलन अहिंसक और जनहित आधारित है तथा सभी वर्गों की भागीदारी से ही क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से प्रशासन और सरकार के समक्ष रखा जा सकता है।
जनहित संघर्ष मोर्चा ने लोगों से आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अनशन पर बैठे पदम प्रभाकर का समर्थन करने और क्षेत्र की मांगों को लेकर एकजुटता दिखाने का आह्वान किया है।
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