घर के बाहर से मासूम का अपहरण, पोती को बचाने के लिए कार से लटके दादा-दादी;

पंजाब के मोहाली जिले के कुराली क्षेत्र से सामने आई एक मासूम बच्ची के कथित अपहरण की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। दिनदहाड़े घर के बाहर खेल रही करीब साढ़े चार साल की बच्ची को जबरन कार में खींचकर ले जाने की यह वारदात न केवल इंसानियत को शर्मसार करती है, बल्कि पारिवारिक विवादों के खतरनाक रूप की भी भयावह तस्वीर पेश करती है। घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अपहरणकर्ताओं की बेरहमी और परिवार की बेबसी साफ दिखाई दे रही है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग अचानक बच्ची को जबरन कार में बैठाने की कोशिश करते हैं। इस दौरान बच्ची के बुजुर्ग दादा-दादी अपनी पोती को बचाने के लिए दौड़ते हैं और कार के आगे खड़े होकर उसे रोकने का प्रयास करते हैं। हालात इतने भयावह हो गए कि दोनों बुजुर्ग कार के बोनट और आगे के हिस्से से लटक गए, लेकिन आरोपियों ने वाहन नहीं रोका। कार चालक ने तेजी से गाड़ी भगाई, जिससे दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के अनुसार, बुजुर्ग दादा की बाजू और दादी की जांघ में गंभीर फ्रैक्चर आया है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह से खुलेआम बच्ची को उठाया गया, उसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का मानना है कि अगर दिनदहाड़े एक बच्ची अपने ही घर के बाहर सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस कर सकते हैं।

प्रारंभिक जांच में इस वारदात के पीछे पारिवारिक विवाद और बच्चों की कस्टडी को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई का मामला सामने आया है। बच्ची के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था और दोनों के बीच बच्चों की कस्टडी को लेकर अदालत में मामला विचाराधीन है। पिता ने आशंका जताई है कि बच्ची को अपने कब्जे में लेने के लिए कथित तौर पर भाड़े के लोगों की मदद ली गई। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इलाके में लगे अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है ताकि कार की मूवमेंट और आरोपियों के संभावित रूट का पता लगाया जा सके। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते पारिवारिक तनाव और रिश्तों में टूटते भरोसे की भी गंभीर तस्वीर पेश करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कस्टडी विवादों में बच्चों का इस्तेमाल सबसे खतरनाक और अमानवीय स्थिति पैदा करता है, जिसका असर मासूमों की मानसिक स्थिति पर लंबे समय तक पड़ता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने लोगों को भावुक और आक्रोशित दोनों कर दिया है। बड़ी संख्या में लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई लोगों ने यह भी कहा कि यदि पारिवारिक विवादों को समय रहते संवेदनशील तरीके से सुलझाया न जाए, तो वे समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

फिलहाल पुलिस बच्ची की सुरक्षित बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापेमारी कर रही है। पूरे पंजाब में इस घटना ने चिंता का माहौल पैदा कर दिया है और लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर एक मासूम की जिंदगी को इस तरह की खतरनाक जंग का हिस्सा क्यों बनाया गया।