जोबरंग पुल का किया गया निरीक्षण, किसानों की सुविधा के लिए तत्काल राहत के निर्देश; स्थायी समाधान की कार्ययोजना होगी तैयार

लाहौल-स्पीति:

जोबरंग पुल क्षेत्र में आवागमन संबंधी समस्याओं और किसानों को हो रही परेशानियों के मद्देनज़र क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों और किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं को निकटता से समझा गया तथा मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित राहत एवं दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि क्षेत्र के किसान बड़ी मेहनत से सब्जियों और अन्य नगदी फसलों का उत्पादन करते हैं। ऐसे में उनकी उपज समय पर मंडियों तक पहुंचे, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। परिवहन व्यवस्था बाधित होने से किसानों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े, इसके लिए तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों को किसानों और स्थानीय लोगों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए तुरंत दो स्पैन कैरियर (झूले) उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पुल की समस्या के समाधान तक लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो। इसके साथ ही वैकल्पिक लिंगर मार्ग को शीघ्र खोलने, अतिरिक्त मशीनरी और श्रमिकों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

प्रशासन को यह भी निर्देशित किया गया कि जोबरंग पुल की समस्या का केवल अस्थायी नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत तकनीकी कार्ययोजना तैयार की जाए। विशेषज्ञों की सहायता से ऐसी योजना बनाई जाएगी, जिससे भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं या अन्य परिस्थितियों के दौरान क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था प्रभावित न हो।

जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि ग्रामीणों की सुरक्षा, निर्बाध आवागमन और किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्थानीय लोगों ने भी उम्मीद जताई है कि प्रशासन द्वारा घोषित त्वरित और दीर्घकालिक उपायों के क्रियान्वयन से क्षेत्र में परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी और किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आने वाली कठिनाइयों से स्थायी राहत मिलेगी।