डलहौज़ी को मिली डिजिटल पहचान: डीसी ने किया ‘डलहौज़ी टेल्स’ का शुभारंभ, क्यूआर कोड से मिलेगा मुफ्त ऑडियो टूर

नरेंद्र सिंह, बॉबी: डलहौज़ी को पर्यटन के डिजिटल मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। ‘चलो चंबा विंटर फेस्ट 2025’ और ‘विजन डलहौज़ी’ के तहत उपायुक्त चंबा मुकेश रेप्सवाल ने ‘डलहौज़ी टेल्स’ नामक एक अभिनव डिजिटल प्लेटफॉर्म का औपचारिक शुभारंभ किया। इस पहल के जरिए अब पर्यटक और स्थानीय लोग डलहौज़ी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से करीब से जान सकेंगे।

‘डलहौज़ी टेल्स’ एक क्यूआर कोड आधारित डिजिटल सुविधा है, जिसके माध्यम से पर्यटक किसी भी प्रमुख स्थल पर क्यूआर कोड स्कैन कर निशुल्क ऑडियो टूर का लाभ उठा सकेंगे। इस ऑडियो टूर के जरिए डलहौज़ी के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और कम प्रसिद्ध लेकिन आकर्षक पर्यटन स्थलों से जुड़ी रोचक और प्रमाणिक जानकारियां सरल भाषा में उपलब्ध होंगी। इससे पर्यटकों का भ्रमण अनुभव न केवल आसान बल्कि अधिक जानकारीपूर्ण और यादगार बन सकेगा।

इस परियोजना को नॉट ऑन मैप और बुकमाईएक्सपीरियंस डॉट कॉम द्वारा विकसित किया गया है। इसे जिला प्रशासन, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग, नगर परिषद डलहौज़ी और होटल फेडरेशन के सहयोग से साकार रूप दिया गया है। सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर क्यूआर कोड की उपलब्धता से पर्यटकों को गाइड पर निर्भर हुए बिना तुरंत जानकारी मिल सकेगी।

शुभारंभ अवसर पर उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘डलहौज़ी टेल्स’ जैसे प्लेटफॉर्म से डलहौज़ी को एक आधुनिक और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान मिलेगी, साथ ही स्थानीय पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिलेगी।

कुल मिलाकर, ‘डलहौज़ी टेल्स’ डलहौज़ी के पर्यटन अनुभव को स्मार्ट, सहज और ज्ञानवर्धक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होने जा रही है।