नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन में 77वें गणतंत्र दिवस पर परियोजना प्रमुख राजीव कपूर ने किया ध्वजारोहण, ऊर्जा उत्पादन में रचे गए नए कीर्तिमान

झाकड़ी
देश की सबसे बड़ी 1500 मेगावाट क्षमता वाली भूमिगत नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन परियोजना में 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत गरिमामय और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर परियोजना प्रमुख श्री राजीव कपूर ने ध्वजारोहण किया और राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित दी।

ध्वजारोहण के पश्चात भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस कर्मियों को भी नमन किया गया। इसके अलावा परियोजना के निर्माण और संचालन में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले कर्मचारियों के परिश्रम और समर्पण को भी सम्मानपूर्वक स्मरण किया गया।

अपने संबोधन में परियोजना प्रमुख श्री राजीव कपूर ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ ही भारत के नागरिकों को उनके मूल अधिकार प्राप्त हुए और इसी कारण यह दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि विद्युत क्षेत्र देश के समग्र विकास की रीढ़ है और नाथपा झाकड़ी परियोजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उन्होंने बताया कि परियोजना ने 18 जनवरी 2026 को 7000 मिलियन यूनिट ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य हासिल कर दूसरा सबसे तेज़ रिकॉर्ड बनाया, जिससे 26 जनवरी 2025 को स्थापित पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया गया। इसके अतिरिक्त नवंबर 2025 में 331.214 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन दर्ज किया गया, जो वर्ष 2011-12 के रिकॉर्ड से अधिक है। परियोजना का अब तक का सर्वाधिक नवंबर उत्पादन 408.909 मिलियन यूनिट वर्ष 2010-11 में दर्ज किया गया था।

परियोजना ने 29 नवंबर 2025 को 6612 मिलियन यूनिट डिज़ाइन ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य भी प्राप्त किया, जिससे 1 दिसंबर 2024 को बना रिकॉर्ड टूट गया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि निगम की 1000 मेगावाट क्षमता वाली बीकानेर सोलर परियोजना ने 24 दिसंबर 2025 को कमर्शियल ऑपरेशन डेट हासिल कर ली है, जो हर वर्ष 2455 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन करेगी।

इसके साथ ही 1320 मेगावाट क्षमता वाली बक्सर थर्मल परियोजना की पहली 660 मेगावाट यूनिट ने 14 नवंबर 2025 को सीओडी प्राप्त की, जिसका उद्घाटन 22 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। कार्यक्रम के अंत में परियोजना प्रमुख ने हिमाचल प्रदेश सरकार, विद्युत मंत्रालय, प्रबंधन और सभी कर्मचारियों का सहयोग के लिए आभार जताया।