परीक्षा को उत्सव की तरह लें विद्यार्थी, मेहनत और सोच ही आपकी असली पहचान है: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

कैथल — हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि परीक्षा किसी विद्यार्थी की अंतिम पहचान नहीं होती, बल्कि परीक्षा के लिए की गई मेहनत, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच ही उसकी असली पहचान बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे परीक्षा को बोझ या दबाव के रूप में नहीं, बल्कि एक उत्सव और आत्ममूल्यांकन के अवसर के रूप में लें।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को कैथल के आरकेएसडी कॉलेज में शिक्षा निदेशालय द्वारा आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के राज्य स्तरीय आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एग्जाम वॉरियर्स’ विशेष एपिसोड का लाइव प्रसारण देखा और उसके बाद मुख्यमंत्री के प्रेरणादायक संबोधन को सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘परीक्षा पे चर्चा’ केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बच्चों के मनोबल, आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने का एक सशक्त मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री हर वर्ष परीक्षा से पहले विद्यार्थियों से संवाद कर उनके मन के डर, तनाव और असमंजस को दूर करने का प्रयास करते हैं। यह अपने आप में एक संवेदनशील और दूरदर्शी पहल है, जो विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में सहायक सिद्ध हो रही है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में केवल परीक्षा ही नहीं, बल्कि विकसित भारत, स्वच्छता, कर्तव्य और सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी बच्चों से संवाद किया। आज के विद्यार्थी ही वर्ष 2047 के विकसित भारत के मजबूत स्तंभ होंगे। इसलिए पढ़ाई के साथ-साथ चरित्र निर्माण, अनुशासन और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना भी उतनी ही जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा में कभी-कभी अपेक्षा से कम अंक आ सकते हैं, लेकिन इससे घबराने या हताश होने की आवश्यकता नहीं है। असफलता भी जीवन की एक सीख होती है, जो हमें आगे बेहतर करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि जीवन में बड़ा विजन रखें, अपनी सोच को सीमित न करें और निरंतर प्रयास करते रहें। सफलता उन्हीं को मिलती है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से नहीं भटकते।

उन्होंने कहा कि परीक्षा पे चर्चा केवल अंकों की चर्चा नहीं, बल्कि यह आत्मविश्वास, धैर्य और मानसिक संतुलन की चर्चा है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को यह सिखाता है कि जीवन में हर परीक्षा से कुछ सीखकर आगे बढ़ना ही वास्तविक सफलता है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आगामी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपने सपनों को साकार करें।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उन्हें समझें, प्रोत्साहित करें और उनका मार्गदर्शन करें। सकारात्मक माहौल में ही बच्चे अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन कर सकते हैं।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी, पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा, पूर्व विधायक लीला राम, जिला परिषद चेयरमैन कर्मबीर कौल, नगर परिषद चेयरपर्सन सुरभि गर्ग, आरकेएसडी कॉलेज समिति प्रधान अश्वनी शोरेवाला सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का यह संदेश न केवल विद्यार्थियों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है, जो शिक्षा को केवल परीक्षा नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया मानने की सोच को मजबूत करता है।